eople are facing problems due to closure of railway facility, demand to start Godavari and Kamayani

    भिवंडी: कोरोना महामारी (Corona Epidemic) की शुरुआत से रेल विभाग (Department of Railways) द्वारा यात्री ट्रेनों को बंद कर दिया था। अनलॉक (Unlock) होने के उपरांत यात्री ट्रेनें शुरू हुई बावजूद यात्रियों (Passenger) से किराया (Fare) तो पूरा वसूला जा रहा है, लेकिन सुविधाएं (Facilities) नदारद है। रेल विभाग यात्री सुविधाओं में पूर्णतया कटौती कर यात्रियों के साथ विश्वासघात कर रहा है। रेल मंत्रालय द्वारा यात्री रेल किराया वसूले जाने के बावजूद यात्री सुविधाओं में कटौती किए जाने की वजह से यात्रियों में भारी नाराजगी व्याप्त है।  जनहित सामाजिक संस्था ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव सहित जोनल महाप्रबंधकों से यात्रियों के साथ हो रहे विश्वासघात पर गंभीरता से विचार कर यात्री सुविधाओं को फौरन बहाल किए जाने की अपील की है।

    गौरतलब है कि वैश्विक महामारी कोरोना की शुरुआत 22 मार्च 2020 से कोरोना संक्रमण प्रसार नियंत्रण की खातिर रेल मंत्रालय द्वारा समस्त यात्री ट्रेनों को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया था। रेल मंत्रालय द्वारा कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए कुछ यात्री ट्रेनें चलाई गई जिससे यात्री अपने गंतव्य तक पहुंच रहे थे। रेल मंत्रालय द्वारा कोरोना संकटकाल के दौरान शुरू की गई तमाम यात्री ट्रेनों में किराया तो पूरा वसूला गया बावजूद रेलवे द्वारा विगत वर्षों से जारी तमाम सुविधाएं जैसे सीनियर सिटीजन को किराए में 30% की छूट, विद्यार्थियों को पास सुविधा और ऐसी क्लास में प्रथम, द्वितीय एवम तृतीय श्रेणी में बेड सुविधा को पूरी तरीके से बन्द कर दिया गया है।

    …तो यात्रियों को मिलेगी राहत

    एसी क्लास में बिस्तर सुविधा समाप्त करने के पीछे कोरोना संक्रमण का प्रमुख कारण बताया गया है। जागरूक यात्रियों का कहना है कि एसी क्लास के टिकट में बिस्तर का पैसा रेलवे विभाग वसूल करता है तो कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए बिस्तर सुविधा मुहैया कराए जाने में आनाकानी क्यों कर रहा है ? कोरोना प्रसार के डर से एसी क्लास में बिस्तर सुविधा नदारद है, लेकिन किराए में बिस्तर का जोड़ा हुआ पैसा यात्रियों से टिकट में जोड़कर लेना कहां तक न्यायोचित है? बिस्तर का पैसा यात्रियों से नहीं लिए जाने से टिकट का किराया कम हो जाएगा जिससे यात्रियों को सहूलियत मिलेगी।

    यात्रियों के साथ धोखा

    रिटायर शिक्षक आर.बी. सिंह का कहना है कि सीनियर सिटीजन आर्थिक रूप से परेशानी झेलते हैं, ऐसे में टिकट भाड़ा में 30% रियायत बंद करना कत्तई न्यायसंगत नहीं है। यात्रियों का कहना है कि रेल मंत्रालय किराया तो पूरा वसूल रहा है बावजूद यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं में दिनों-दिन कटौती कर  रहा है जो यात्रियों के साथ धोखा और विश्वासघात है।

    रेलवे जल्द बहाल करें सुविधाएं

    जनहित सामाजिक संस्था ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और तमाम जोनल महाप्रबंधकों को पत्र लिखकर यात्रियों को दी जाने वाली तमाम सुविधाएं फिर से बहाल किए जाने की अपील की है। 

    यात्री सेवाएं हो रहीं पूर्ववत

    उक्त संदर्भ में मध्य रेल जनसंपर्क अधिकारी ए.के. सिंह का कहना है कि रेल कोरोना काल में बंद सभी यात्री गाड़ियों को बहाल किया जा रहा है। सभी यात्री ट्रेनें शुरू होते ही पहले से मिल रही तमाम यात्री सुविधाएं भी पूर्ववत बहाल हो जाएंगी।