Mohan Madhukar Patil

Loading

  • 4 वर्ष 9 माह में वकील ने लिए 32 बार तारीख

मीरा-भायंदर: मीरा-भायंदर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के जिलाध्यक्ष मोहन पाटील पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है और उन्हें फरार बताया जा रहा है। पाटील के गिरफ्तारी पूर्व जमानत की अर्जी को हाईकोर्ट ने 4 वर्ष 9 माह बाद खारिज कर दिया है। इस दौरान पाटील के वकील ने कोर्ट से विभिन्न कारण बता कर 32 बार तारीख ली थी।

दरअसल मोहन मधुकर पाटील भायंदर पूर्व के अभिनव शिक्षण संस्था में कार्याध्यक्ष पद पर चयनित हुए थे। उनके कार्यकाल के दौरान उनके साथ साथ उनके सहयोगियों पर भ्रष्टाचार और अवैध प्रबंधन के आरोप लगे थे। इसके बाद ठाणे मजिस्ट्रेट के आदेश पर मोहन पाटील और उनके सहयोगियों के खिलाफ संस्था द्वारा 7 अगस्त 2018 में नवघर पुलिस थाने में आपराधिक मामला दर्ज किया गया था। जिस पर पाटील ने ठाणे सत्र न्यायालय के समक्ष गिरफ्तारी पूर्व जमानत की अर्जी दी थी। इस अर्जी को ठाणे सत्र न्यायालय ने 5 अप्रैल 2019 को खारिज कर दी थी।

 

इसके बाद पाटील ने बॉम्बे उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और 10 अप्रैल 2019 को गिरफ्तारी पूर्व जमानत के लिए आवेदन किया। इस आवेदन के बाद पाटील के वकील ने अलग अलग कारण बताकर 32 बार तारीख लिया। इस प्रकरण में धीरे धीरे 4 वर्ष 9 माह बीत जाने और न्याय में हो रही देरी को देखते हुए अभियोजन पक्ष ने मोहन पाटील के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) में अपील दाखिल की थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट को निर्देश दिया था कि इस प्रकरण में एक माह में निर्णय दें। 

 
हाईकोर्ट ने 24 फरवरी 2024 को दिए अपने निर्णय में अभिनव शिक्षण संस्था के पूर्व कार्याध्यक्ष मोहन पाटील व लेखापाल (अकाउंटेंट) प्रशांत पाटील की गिरफ्तारी पूर्व जमानत की अर्जी को खारिज कर दिया, जबकि पाटील के अन्य सहयोगियों की जमानत अर्जी को मंजूर कर लिया है। इसके बाद पाटील को फरार बताया जा रहा है। पाटील वर्तमान में एनसीपी मीरा भायंदर के जिलाध्यक्ष है।

इस संबंध में मोहन पाटील से उनकी प्रतिक्रिया लेने पर उन्होंने कहा की वे अभी रिश्तेदार की शादी में बाहर हैं। उनके पास अभी तक हाई कोर्ट के ऑर्डर की प्रति नहीं आई है। ऑर्डर की कॉपी मिलने के बाद वकील की सलाह पर आगे की कानूनी प्रक्रिया करेंगे।