Oil spread in the sea, the problem of livelihood in front of fishermen

    नवी मुंबई. उरण तहसील (Uran Tehsil) के तहत आने वाले नागांव-पिरवाडी (Nagaon-Pirwadi) के समुद्र (Sea) और उसके तट पर बड़े पैमाने पर तेल (Oil) फैलने का मामला प्रकाश में आया है। इसके चलते मछुआरों (Fishermen) का व्यवसाय चौपट हो रहा है। समुद्र में तेल फैलने (Oil Spread) की वजह से मछुआरों के सामने रोजी-रोटी की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। इस मामले में नागाव-पिरवाडी मच्छीमार कृति समिति ने शासन और प्रशासन से उक्त समस्या को दूर करने के लिए गुहार लगाई है।

     गौरतलब है कि विगत 3 दिनों से उरण के नागांव-पिरवाडी समुद्र में बड़े पैमाने से तेल फैलने का सिलसिला जारी है। यहां के समुद्री तट पर भी यह तेल जमा हो गया है। समुद्र में तेल फैलने की वजह से मछलियां यहां से काफी दूर चली गई हैं। इसकी वजह से यहां के मछुआरों को मछलियां नहीं मिल रही हैं। मानसून के शुरूआती दौर से सरकार द्वारा लगभग 4 माह तक समुद्र में मछली पकड़ने पर पाबंदी लगाई गई थी, जिसकी वजह से लगभग 4 माह तक मछुआरों का व्यवसाय ठप पड़ा हुआ था। अब समुद्र में तेल फैलने से उरण के नागांव-पिरवाडी के मछुआरों के व्यवसाय संकट के नए बादल छा गए हैं। इसे लेकर यहां के मछुआरे बेहद परेशान हैं।

     अक्सर होती है तेल फैलने की घटना

    नागांव-पिरवाडी मच्छीमार कृति समिति अध्यक्ष भूपेश कडू ने बताया कि यहां पर इस तरह की घटना अक्सर होती है। कडू का कहना है कि नागाव-पिरवाडी के इलाके में ओएनजीसी कंपनी है। समुद्र में बिछाई गई पाइप लाइन से इस कंपनी में कच्चा तेल आता है। इस पाइप लाइन से अक्सर तेल का रिसाव होता है। इस तेल के समुद्र में फैलने से जल प्रदूषण फैलता है। इस वजह से मछलियां स्वच्छ पानी की तलाश में यहां से दूर चली जाती हैं। इसकी वजह से मछुआरों को भारी नुकसान होता है, जिसकी नुकसान भरपाई उक्त कंपनी और सरकार से नहीं मिलता है। इस संबंध में उरण के तहसीलदार, पंचायत समिति उरण, नागांव ग्राम पंचायत, स्थानीय विधायक महेश बालदी, सहायक आयुक्त अलीबाग आदि को निवेदन दिया गया है, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।

    नागांव-पिरवाडी के समुद्र में तेल फैलने से यहां के मछुआरों को हुए नुकसान के बारे में गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इस मामले में ओएनजीसी कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करके के मछुआरों को न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

    - भाऊसाहेब अंधारे, तहसीलदार, उरण

    नागांव-पिरवाडी के समुद्र और इसके तट पर तेल फैलने की घटना के बारे में यहां के प्रशासन से पूरी जानकारी हासिल करने के बाद इस मामले की जांच की जाएगी। तेल फैलने से मछुआरों का जो नुकसान हुआ है। उसकी भरपाई कराने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

    -महेश बालदी, विधायक, उरण विधानसभा