part of building collapses in Navi Mumbai

    नवी मुंबई: नेरुल के सेक्टर-17 में जिम्मी पार्क-1 (Jimmy Park-1) नामक 8 मंजिली इमारत (Building) है, इस इमारत की ए विंग की 6 वीं मंजिल से लेकर पहली मंजिल तक के घरों के हॉल के स्लैब ताश के पत्तों की तरह एक-दूसरे पर गिरते हुए तल मंजिल में मलबे में तब्दील हो गए, जिसके नीचे दबे लोगों को नवी मुंबई महानगरपालिका (Navi Mumbai Municipal Corporation) के अग्निशमन विभाग के जवानों ने बाहर निकाला। इस हादसे में एक युवक की मौत (Death) हुई, वहीं 7 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए, उन्हें उपचार के लिए नेरुल स्थित डॉ.डी.वाई. पाटिल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    उक्त हादसा शनिवार को दोपहर में हुआ। इस हादसे में उक्त इमारत में रहने वाले 29 वर्ष के व्यंकटेश नाडार नामक युवक की मौत होने की पुष्टि नेरुल पुलिस स्टेशन द्वारा की गई है। पुलिस ने बताया कि उक्त हादसे में सुब्रमण्यम त्यागराजन (84), निशा धर्मानी (50), रिया धर्मानी (20), सोनाली गोडबोले (29), आदित्यराज गोडबोले (15), सौमित्र गोडबोले (50) और ललिता त्यागराजन (80) घायल हुए। जिनका उपचार डॉ. डी. वाई. पाटिल अस्पताल में किया जा रहा है। गौरतलब नेरुल के सेक्टर-17 में जिम्मी पार्क-1 नामक इस इमारत को नवी मुंबई महानगरपालिका नगररचना विभाग द्वारा वर्ष 1994 में अधिभोग प्रमाण पत्र (ओसी) दिया गया था।

    मलबे में फंसे हुए लोगों को निकाला

    जिम्मी पार्क-1 बिल्डिंग में हुए हादसे की सूचना मिलने पर नवी मुंबई महानगरपालिका के अग्निशमन दल के जवानों और बचाव दल के जवान मौके पर पहुंचे। इन दोनों दलों के जवानों ने मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने का काम किया। इस दौरान नवी मुंबई महानगरपालिका कमिश्नर अभिजीत बांगर, उपायुक्त दादासाहेब चाबुकस्वार, शहर अभियंता संजय देसाई और अतिरिक्त शहर अभियंता शिरीष आरदवाड मौके पर पहुंचे और बचाव दल का मार्गदर्शन किया।

    जिम्मी पार्क- 1 की इमारत का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने के लिए सोसायटी को नोटिस जारी किया था, लेकिन इस इमारत की सोसायटी की कमेटी द्वारा नोटिस की अनदेखी करते हुए कोई स्ट्रक्चरल ऑडिट नहीं कराया गया है। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंच गई है। उसकी रिपोर्ट कल तक मिल जाएगी। जिसके बाद इस मामले में ठोस निर्णय लिया जाएगा। हादसे की वजह से बेघर हुए सभी परिवारों के लिए महानगरपालिका द्वारा वैकल्पिक आवास की व्यवस्था की गई है।

    -अभिजीत बांगर, कमिश्नर, नवी मुंबई महानगरपालिका