Supriya Sule

    ठाणे: वे सिर्फ दादा के ही रिश्तेदार ही नहीं हैं, बल्कि वे हमारे परिवार का हिस्सा हैं। दिल्ली ने महाराष्ट्र के साथ कितना भी अन्याय किया हो, महाराष्ट्र की सहयाद्री कभी दिल्ली दरबार के आगे नहीं झुकेगी। उक्त बातें एनसीपी नेता और सांसद सुप्रिया सुले (Supriya Sule) ने कही। उन्होंने कहा कि भले ही हम सत्ता में हैं, हमने कभी द्वेष की राजनीति नहीं की क्योंकि हम भारतीय संस्कृति में पले-बढ़े है और यशवंतराव चव्हाण (Yashwantrao Chavan) हमारे आदर्श है। इसलिए पवार परिवार (Pawar Family) के लिए संघर्ष (Struggle) नया नहीं है।

    सांसद सुप्रिया सुले शुक्रवार को आवास मंत्री जितेंद्र आव्हाड के ठाणे कार्यालय के बगल में स्थित तुलजा भवानी मंदिर में ठाणे शहर अध्यक्ष आनंद परांजपे द्वारा आयोजित महाआरती के लिए आई थीं। इस दौरान पत्रकारों द्वारा आयकर विभाग द्वारा उनके घर पर छापेमारी के बाद पहली बार उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने ठाणे में यह प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जिनके घरों पर आयकर विभाग ने छापेमारी की है, वे न केवल दादा के रिश्तेदार नहीं हैं, बल्कि हमारे रिश्तेदार भी हैं। 

    बिना नियम तोड़े नवरात्रि मनाने की अपील 

    इस दौरान उन्होंने मंदिरों को खोलने के लिए महाविकास आघाड़ी की गठबंधन सरकार को धन्यवाद दिया और कार्यकर्ताओं और नागरिकों से बिना नियम तोड़े नवरात्रि मनाने की अपील की। सुले ने कहा कि साल में एक बार शांताबाई पवार और मेरी मां नौ दिन में एक बार उपवास करते थे। वही उपवास और प्रथा मेरी माँ ने जारी रखा। इसलिए नवरात्रि का पर्व है मेरी मां का और मेरा भी हैं। उन्होंने महाविकास अघाड़ी सरकार को धन्यवाद देते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, अजीत पवार और बालासाहेब थोरात के नामों का भी जिक्र किया।

    108 महिलाओं के साथ की तुलजा भवानी की महाआरती

    शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे गणेशवाड़ी के तुलजाभवानी मंदिर में सुप्रिया सुले ने महाआरती की। इस महाआरती में महिला अध्यक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता ऋता आव्हाड, एनसीपी गटनेता और प्रदेश महासचिव नजीब मुल्ला, पूर्व विपक्षी नेता हणमंत जगदाले, महिला अध्यक्ष सुजाता घाग, नगरसेवक सुहास देसाई शामिल थे। जबकि इस महाआरती में एनसीपी की महानगरपालिका में विरोधी पक्ष नेता प्रमिला मुकुंद केणी, महिला-बाल कल्याण समिति सभापति राधाताई जाधव, उथल सर प्रभाग समिति अध्यक्ष वहीदा खान, नगरसेविका सुरेखाताई पाटिल, अपर्णा मिलिंद साल्वी, आरती वामन गायकवाड़, अनीता राजन किने, सुनीता सातपुते, नादिरा सुरमे, सुलोचना हीरा पाटिल, हाफिजा नाइक, रूपाली गोटे, फरजाना शाकिर शेख आदि सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थी।