Ajit pawar

    नवी मुंबई. महानगरपालिका चुनाव (Municipal Elections) की घोषणा (Announcement) के पहले ही राज्य के उपमुख्यमंत्री (Deputy Chief Minister) की नवी मुंबई में सक्रियता (Activism) बढ़ गई है। महानगरपालिका चुनाव के पहले यहां पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी(Nationalist Congress Party) को मजबूत करने की इस कवायद के चलते नवी मुंबई में अन्य दलों के नेताओं का टेंशन बढ़ने लगा है। विगत एक माह के दौरान उपमुख्यमंत्री द्वारा सिडको के एमडी और महानगरपालिका आयुक्त (Municipal Commissioner) के साथ हुई बैठक से यह संकेत मिल रहा है कि उपमुख्यमंत्री अपनी पार्टी के खोए हुए जनाधार को वापस लाने के लिए नवी मुंबई में सक्रिय हुए है।

    गौरतलब है कि राज्य की महाविकास आघाडी सरकार में शिवसेना, कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख दल हैं, इन तीनों दल नवी मुंबई में अपना जनाधार बढ़ाने में लगे हुए हैं, नवी मुंबई में शिवसेना के सांसद राजन विचारे और ठाणे जिले के पालकमंत्री पहले से ही सक्रिय हैं, वहीं कांग्रेस के प्रदेशाध्य और मंत्री भी कई बार नवी मुंबई में अपनी सक्रियता को दर्शा चुके हैं, जबकि भाजपा के नेताओं ने नवी मुंबई को अपना घर बना लिया है, वहीं विगत एक माह से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की जड़ों को मजबूत करने के लिए राज्य के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने अपनी सक्रियता को बढ़ा दिया है, इसके चलते नवी मुंबई में राजनीतिक माहौल अब गरमा गया है।

    नागरिकों से जुड़े मुद्दों को सुलझाने में जुटे

    नवी मुंबई में सिडको, महानगरपालिका और महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम से संबंधित मुद्दों पर उपमुख्यमंत्री पवार द्वारा फोकस किया जा रहा है, सिडको के एमडी संजय मुखर्जी और महानगरपालिका आयुक्त अभिजीत बांगर के हुई अलग-अलग बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री ने नवी मुंबई के नागरिकों से संबंधित समस्याओं को दूर करने का निर्देश दिए हैं, जिससे यह साफ होता है कि उपमुख्यमंत्री द्वारा नवी मुंबई महानगरपालिका के आगामी चुनाव को देखते हुए उक्त कदम उठाया जा रहा है। अपनी इस सक्रियता द्वारा वह भाजपा के विधायक गणेश नाईक और मंदा म्हात्रे के वर्चस्व को कम करने और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों का कद बढ़ाने के काम में जुटे हुए है।

    प्रभाग रचना के काम में दबाव डालने की आशंका

    नवी मुंबई महानगरपालिका का आगामी चुनाव एक वार्ड पद्धति के बजाय पैनल पद्धति से होने वाला है, जिसके चलते सभी राजनीतिक दलों के लोगों का ध्यान प्रभाग रचना पर केंद्रीत है। महानगरपालिका के चुनाव अधिकारी द्वारा किस तरह से प्रभाग की रचना की जाती है, इसपर शंका कायाम है। राज्य के उपमुख्यमंत्री के नवी मुंबई में प्रभाग रचना के काम में दबाव बनाने के लिए तो नहीं सक्रिय हुए हैं, इस तरह की आशंका भी कुछ लोगों द्वारा व्यक्त की जा रही है। जबकि उपमुख्यमंत्री ने महानगरपालिका आयुक्त बांगर को किसी राजनीतिक दबाव में आकर काम नहीं करने की हिदायत दी है।

    उपमुख्यमंत्री पार्टी के काम से नवी मुंबई में सक्रिय हुए हैं, वह अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सुनने का काम कर रहे हैं, नवी मुंबई वह निजी तौर से बैठक करने आते है, उनकी बैठक सरकारी नहीं होती है, इसलिए वह अपने सहयोगी दलों से मंत्रियों को अपने साथ नहीं लाते है। राज्य सरकार में शामिल तीनों मुख्य दल अपनी-अपनी पार्टी के हिसाब से काम कर रहे हैं, इसमें बुरा मानने जैसी कोई बात नहीं है।

    - विट्ठल मोरे, शिवसेना नवी मुंबई जिला प्रमुख

    नवी मुंबई में कांग्रेस के नेता पहले से ही सक्रिय होकर नागरिकों की समस्याओं को दूर करने का काम कर रहे हैं, जिससे पार्टी का जनाधार लगातार बढ़ रहा है, पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नाना पटोले, नवी मुंबई प्रभारी नसीम खान, मंत्री वर्षा गायकवाड और असलम शेख नवी मुंबई का दौरा पहले ही कई बार कर चुके है। आने वाले दिनों में भी इन सभी नेताओं को पार्टी के कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करने के लिए बुलाया जाएगा। नवी मुंबई में उपमुख्यमंत्री की सक्रियता का फायदा कांग्रेस को होगा।

    - अनील कौशिक, नवी मुंबई जिला कांग्रेस अध्यक्ष