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    ठाणे : कोरोना (Corona) के दूसरी लहर के कारण लागू पाबंदियां अब धीरे-धीरे पूरी तरह से उठ रही है। ठाणे महानगरपालिका (Thane Municipal Corporation) की (टीएमसी) का आर्थिक चक्र जिस गति से सुधरना चाहिए वह सुधरता दिखाई नहीं दे रहा है। क्योंकि कोरोना (Corona) से पहले तत्कालीन नगर आयुक्त (Municipal Commissioner) संजीव जायसवाल (Sanjeev Jaiswal) आय की वसूली की समीक्षा के लिए साप्ताहिक बैठक कर रहे थे। लेकिन उनके तबादले के बाद ऐसी बैठकें होती नहीं दिखाई दे रही है। जिसके कारण महानगरपालिका प्रशासन (Municipal Administration) में कई विभागों की सुस्ती के चलते पिछले कुछ दिनों से इसकी राजस्व वसूली पर असर पड़ता नजर आ रहा है। हालांकि इस बीच महानगरपालिका प्रशासन ने दावा किया है कि इस तरह की बैठकें न होने के बावजूद सभी विभागों के राजस्व वसूली पर लगातार नजर रखी जा रही है। 

    गौरतलब है कि कोरोना संकट के चलते ठाणे महानगरपालिका की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है।  हालांकि संपत्ति कर और जल भुगतान की अपेक्षित वसूली हो रही है, लेकिन नगर विकास विभाग समेत अन्य विभागों के राजस्व संग्रह पर असर पड़ा है।  इस साल संपत्ति कर विभाग को 740 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया है।  संपत्ति कर विभाग अब तक 342.50 करोड़ रुपये वसूल कर चुका है।  पिछले साल इसी अवधि के दौरान 253 करोड़ रुपए की वसूली हुई थी। वहीं जलापूर्ति विभाग अब तक 32.56 करोड़ रुपये वसूल कर चुका है। पिछले साल इसी अवधि में 44 करोड़ रुपये की वसूली हुई थी। इस साल कलेक्शन में 11.44 करोड़ रुपये की गिरावट आई है। 

    महानगरपालिका सूत्रों की मानें तो ठाणे महानगरपालिका को राज्य सरकार की ओर से स्टांप शुल्क और कोरोना अनुदान के रूप में 530 करोड़ रुपये नहीं मिले हैं। खजाने में पैसे की कमी के चलते महानगरपालिका ने ठेकेदारों से करीब 800 करोड़ रुपए का भुगतान रोक दिया है।  इसी पृष्ठभूमि में स्थायी समिति ने पिछले महीने के अंतिम सोमवार को नगर पालिका के सभी विभागों की विस्तृत समीक्षा कर राजस्व वसूली बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष बैठक बुलाई थी। लेकिन इस दौरान महानगरपालिका के अधिकारियों के पास विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं होने के कारण पार्टी के सभी सदस्यों ने बैठक रद्द कर दी थी। जिसका असर भी महानगरपालिका की आय वृद्धि पर पड़ा।  जिसके कारण वर्तमान समय में महानगरपालिका आर्थिक संकट से जूझ रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से इसे सुधारने के लिए कोई पहल नहीं हो रही है।  तस्वीर यह है कि साप्ताहिक आय वसूली समीक्षा बैठक भी बंद है।  

    पूर्व आयुक्त संजीव जायसवाल ने बढ़ाई थी महानगरपालिका की आय 

    महानगरपालिका गलियारें में चर्चा है कि वर्ष 2015 जब ठाणे महानगरपालिका के तौर पर संजीव जायसवाल ने पदभार ग्रहण किया था तब महानगरपालिका की माली हालत काफी खराब  थी। एलबीटी और चुंगी बंद होने के कारण महानगरपालिका प्रशासन के पास अपने कर्मचारियों को वेतन देने के लिए तब पैसे नहीं थे। लेकिन, तत्कालीन ठाणे महानगरपालिका कमिश्नर संजीव जायसवाल ने इस पर काबू पाया अधिक वसूली पर जोर देकर महानगरपालिका की आर्थिक गाड़ी को पटरी पर ला दिया।  इसके बाद वे अपने कार्यकाल के दौरान हर सोमवार को सभी विभाग प्रमुखों की बैठक भी कर रहे थे ताकि आय की वसूली की समीक्षा की जा सके और कम वसूली वाले विभाग की वसूली बढ़ाने के मुद्दे पर चर्चा की जा सके।  लेकिन जैसे ही उन्हें बदला गया और कोरोना काल के बाद वर्तमान कमिश्नर डॉ. विपिन शर्मा  प्रकार का ठोस कदम नहीं उठाया जाना चर्चा का विषय बना हुआ है।  इससे महानगरपालिका प्रशासन में कई विभाग सुस्त हो गए हैं, जिससे आय की वसूली प्रभावित हो रही है।