The atrocities on the Muslim community in Tripura showed their effect in Bhiwandi, shops and rickshaw pullers closed and protested

    भिवंडी : त्रिपुरा (Tripura) में मुस्लिम समुदाय (Muslim Community) पर हो रहे अत्याचार और मोहम्मद पैगंबर (Prophet Muhammad) के बारे में अपशब्द (Abusing) कहे जाने का भारी विरोध अल्पसंख्यक नगरी (Minority City) भिवंडी में दिखाई पड़ा। उक्त मुद्दे को लेकर  रजा अकादमी द्वारा मुंबई  सहित आसपास के तमाम क्षेत्र बंद किए जाने की घोषणा का असर दिखाई पड़ा। कुछ क्षेत्रों में दुकानें बंद रही। ऑटोरिक्शा चालकों ने भी बंद में शामिल होकर विरोध दर्शाया। बंद को देखते हुए भिवंडी पुलिस द्वारा सुरक्षा के मद्देनजर व्यापक इंतजाम किए गए थे। दोपहर के उपरांत शहर की गतिविधियां सामान्य हुई। 

    गौरतलब है कि त्रिपुरा की घटना को लेकर रजा अकादमी द्वारा कराए गए बंद के दौरान शहर में रात्रि से ही  भिवंडी पुलिस उपायुक्त योगेश चव्हाण के निर्देश पर सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बंदोबस्त किया गया था। विरोध स्वरूप हुए बंद में कांग्रेस ,राष्ट्रवादी कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, एमआयएम  आदि प्रमुख राजकीय पक्ष सहित सुन्नी जमियते उलमा सहित विविध धार्मिक संस्थाओं ने बंद का समर्थन किया था।

    बंद का रहा असर

    भिवंडी शहर स्थित शांतीनगर, गैबिनगर,नवीबस्ती, दिवानशाह दर्गा, मिल्लत नगर, वंजारपट्टी नाका, समदनगर, पटेल कंपाउंड आदि मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में बंद का भारी असर दिखाई पड़ा। उक्त क्षेत्रों में अधिकांश दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान, यात्री रिक्शा बंद रहे। दोपहर को रजा अकादमी के प्रतिनिधि मंडल द्वारा त्रिपुरा में घटित घटना के विरोध स्वरूप उपविभागीय अधिकारी वाघचौरे को निवेदन देकर विरोध प्रकट किया गया और आरोपियों को सख्त सजा देने की मांग की गई।