Anganwadi Workers Strike

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वर्धा. कई वर्षों से प्रलंबित मांगों को लेकर इस बार आंगनवाड़ी सेविका व सहायिकाओं ने इस बार आंदोलन छेड़ दिया है. 4 दिसंबर से जिले की 3 हजार 400 सेविका व सहायिका हड़ताल पर गई है. आंदोलन के कारण जिलेभर में बालकों का टीकाकरण, पोषाहार वितरण सहित विभिन्न सरकारी योजना के कामकाज प्रभावित हो गए है. नागपुर में चल रहे शीतसत्र पर 15 व 18 दिसंबर को राज्यभरे की आंगनवाड़ी सेविका व सहायिका का विशाल मोर्चा निकाला जा रहा है.

बता दें कि, 4 दिसंबर को जिले में विशाल मोर्चा निकाला गया था़  तभी से आंगनवाड़ी कर्मियों ने हड़ताल कर कामों पर बहिष्कार डाल दिया़ रिकॉर्ड भेजना, पोषाहार वितरित, टीकाकरण के कामों से मना कर दिया है. इसके पहले ही अंगणवाड़ी कर्मियों ने आनलाइन कामों पर बहिष्कार डाला था. मासिक रिपोर्ट भी नहीं भेजी जा रही. राज्यभरे में करीब 2 लाख महिला कर्मचारी बेमियादी हड़ताल पर है़  जिलास्तर पर उपविभाग व तहसीलस्तर पर भी आंदोलन किये गये.

सर्वोच्च न्यायालय के ग्रैच्युइटी संदर्भ में दिये गये अंतिम निर्णय पर अमल करे़. आंगनवाड़ी कर्मियों सरकारी कर्मियों की तर्ज पर वेतनश्रेणी, ग्रैच्युइटी, भविष्य निर्वाह निधी आदि सामाजिक सुरक्षा के सभी लाभ प्रदान करे़. आंगनवाड़ी सेविका व सहायिकाओं को शीघ्र मानधन वृध्दि घोषित करे़ं  उन्हें न्यूनतम 18 हजार से 26 हजार तक वेतन दे़ं  मानधन महंगाई निर्देशांक से जोड़कर हर छह माह में इसमें वृध्दि करे़ं महिला व बालविकास मंत्री से चर्चा के अनुसार बिना योगदान मासिक निर्वाह भत्ता (पेन्शन) सेवा समाप्ति के बाद देने का प्रस्ताव नवम्बर अंत तक तैयार कर शीतसत्र में मंजूर करे़ं आहार के 8 रुपये मूल्य अत्यल्प होने से कुपोषण निर्मूलन होने की बजाये उलटा बढ़ रहा है.

यह मूल्य आम बालकों के लिये 16 व अतिकुपोषित बालकों के लिये 24 रुपये ऐसा होना चाहिये़  केंद्र सरकार के 5 जुलाई 2018 के शासन निर्णय अनुसार प्रधानमंत्री जीवन ज्योती बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, आंगणवाड़ी कार्यकर्ता बीमा योजना शीघ्र लागू करे़ं मृत कर्मी के परिवार को दो लाख रुपये केंद्र सरकार के निर्णय अनुसार तत्काल दिया जाये़  मिनी आंगनवाड़ी केंद्र की सहायिका दोनो का काम करती है, इसलिये सहायिका को बड़ी आंगनवाड़ी केंद्र की तरह लाभ दिया जाये़  सहित विभिन्न मांगों के लिये संघर्ष चल रहा है. जिले में की सभी आंगनवाड़ी कर्मचारी हड़ताल पर होने से कई काम प्रभावित हो गये है़  इस ओर सरकार ने गंभीरता से ध्यान देना जरुरी है.

इस बार आरपार की लड़ाई

कई वर्षों से आंगनवाड़ी सेविका व सहायिका अपनी न्यायिक मांगों के लिये संघर्ष कर रही है. परंतु कोई ध्यान नहीं दे रहा. इस बार आरपार की लड़ाई हम लड़ रहे है़. नागपुर शीतसत्र पर विशाल मोर्चा दस्तक देंगा. मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं हुआ तो तीव्र आंदोलन करेंगे. 

-दिलीप उटाणे, राज्य सचिव, आयटक