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    वर्धा. सिटी में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य करने के लिए नागरिकों को नगर परिषद प्रशासन से अनुमति लेना जरूरी है़  अनुमति की आफलाइन प्रक्रिया में कई दिक्कतें आने से नप प्रशासन ने 2017 से आनलाइन प्रणाली पर अमल शुरू किया़  तब से 374 लोगों ने विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए आवेदन किए है़  वहीं विविध खामियों की वजह से 50 फीसदी के करीब निर्माण कार्य को नामंजूर किया गया़  

    सिटी में होने वाले निर्माण कार्य की वजह से भविष्य में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए नप का नगर रचनाकार विभाग हमेशा चौकस रहता है़  इसके लिए जहां निर्माण कार्य होने वाला है, उस वार्ड की रचना तथा निर्माण कार्य के बाद निर्माण होने वाली परिस्थिति को भांपते हुए संबंधित अधिकारी निरीक्षण करते है़  इस दौरान खामियां दूर करने के बाद ही अनुमति दी जाती है़  पिछले साढ़े तीन वर्ष में आवेदनों में से मात्र 50 प्रश ही निर्माण कार्य को अनुमति प्रदान की गई है.

    194 निर्माण कार्य को नहीं मिली अनुमति

    नप में दिसंबर 2017 से आनलाइन प्रणाली शुरू होने के बाद मार्च 2018 से अप्रैल 2019 तक 108 लोगों ने निर्माण कार्य के लिए अनुमति मांगी थी, जिसमें से 57 को अनुमति मिली़  2019-20 में 97 आवेदनों में से 56 को अनुमति मिली़  2020 में 64 में से 18 को अनुमति मिली़  वहीं मार्च 2021 में 31 लोगों ने निर्माण कार्य की अनुमति मांगी, जिसमें से 14 को अनुमति मिली है़  वहीं 3 प्रोसेसिंग में होने की जानकारी है़  निर्माण कार्य में खामियां रहने से 180 निर्माण कार्य की मंजूरी ठुकराई गई तथा उन्हें खामियां दूर करने के दृष्टिकोण से सलाह दी गई.  

    कोरोनाकाल में निर्माण कार्य पर पड़ा असर

    वर्ष 2020 में कोरोना ने दस्तक देने के बाद निर्माण कार्य में 40 प्रतिशत से गिरावट आयी है़  हालात में अब धीरे-धीरे सुधार आ रहा है़  किंतु, आर्थिक हालात कमजोर होने के साथ ही निर्माण कार्य सामग्री के रेट बढ़ जाने से कइयों ने नए निर्माण कार्य शुरू नहीं किए है़  शुरू वर्ष में भी केवल 31 ने ही निर्माण कार्य की अनुमति मांगी है.  

    ग्रापं क्षेत्र में निर्माण कार्य को प्राथमिकता 

    अधिकतर लोग घरों के निर्माण कार्य के लिए सिटी से सटे ग्रामपंचायत क्षेत्र को ही प्राथमिकता दे रहे है़ं  सिटी में प्लाट काफी महंगे हो गए है़ं  उसकी तुलना में ग्रामपंचायत क्षेत्र में नई कालोनियों के प्लाट सस्ते है़ं  मनचाही जगह पर वास्तु का निर्माण करना संभव है़  किंतु, नगर परिषद क्षेत्र में ज्यादातर प्लाट खाली नहीं है.  पुराना निर्माण कार्य ढहाकर वहां नये से निर्माणकार्य करना पड़ता है़  वार्ड की रचनात्मक दृष्टि से निर्माण कार्य सीमाओं के दायरे में रहकर करना पड़ता है़  शहर से सटे ग्रापं क्षेत्र में निर्माण कार्य बढ़ता जा रहा है.