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वर्धा. कृषि विभाग किसानों के लिए गोपीनाथ मुंडे दुर्घटना बीमा क्रियान्वित करती है. इस योजना तहत वर्ष 2022 से 2024 तक 170 दुर्घटना के प्रकरण हुए. इस संदर्भ में कृषि विभाग ने सरकारी स्तर पर प्रस्ताव पेश किए थे. जिसमें सरकार की ओर भेजे प्रस्ताव में शत प्रतिशत मंजूरी भी मिली. इस योजना में 101 प्रकरण में किसान को लाभ मिला. अभी भी 69 प्रकरण शेष है. अभी भी लाभार्थी किसान परिवार को मुआवजे की प्रतिक्षा है. खेती करते हुए अनेक कारणों से किसान की मौत होती है. अथवा विकलांगता आती है.

घर का मुख्य व्यक्ति की मौत होने से परिवार की परेशानी बढती है. इसलिए किसान की दुर्घटनावश मौत होने से सरकार द्वारा नुकसान का मुआवजा देने के लिए यह दुर्घटना बीमा योजना क्रियान्वित की है. यह योजना 9 दिसंबर 2029 को शुरू हुई. परंतु इस योजना का सही तरिके से क्रियान्वयन नही होने से किसान की दुर्घटना में मौत होने पर नुकसान भरपाई के रूप में राज्य सरकार द्वारा गोपीनाथ मुंडे किसान दुर्घटना बीमा योजना शुरू की.

सरकार ने 2019 में शुरू किए योजना में किसान के एक रिश्वेदार को नुकसान का मुआवजा मिलता था.परंतु सुधारित योजना में दुर्घटनाग्रस्त किसान व परिवार को आर्थिक लाभ देने हेतू स्वयं खातेदार किसान, किसान परिवार का सदस्य जैसे माता-पिता, किसान की पत्नि, पुत्र व अविवाहित पुत्री इसमें से एक व्यक्ति ऐसे मिलाकर 2 व्यक्ति को लाभ मिलता है. अब मंजूर हुए 69 प्रकरण सरकार स्तर पर लाभ हेतू लंबित है. दो महिने में लाभ मिलेगा. किसान परिवार में किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने पर तालुका कृषि अधिकारी अधिकारी से संपर्क करना चाहिए.और योजना का लाभ लेना चाहिए. ऐसी जानकारी कृषि अधिक्षक ने दी.