Representational Pic
Representational Pic

    वर्धा. ओबीसी पर हुआ अन्याय, ओबीसी का राजनीतिक अस्तित्व खत्म करने का राज्य सरकार का मंसूबा होने का आरोप लगाते हुए भाजपा ने ओबीसी जनाक्रोश आंदोलन किया़ धुले, नंदुरबार, अकोला, वाशिम, पालघर व नागपुर में करा जा रहे चुनाव की घोषणा शिवसेना-कांग्रेस-राकां आघाड़ी सरकार की लापरवाही से हुई है.

    आघाड़ी सरकार ने समय पर इंपेरिकल डाटा कोर्ट में दिया होता तो आज ओबीसी पर इस चुनाव में अन्याय नहीं होता़  आघाड़ी सरकार ओबीसी को आरक्षण नहीं देना चाहती, यह आरोप भाजपाइयों ने लगाया़  जब तक राज्य में ओबीसी को राजनीतिक आरक्षण लागू नहीं किया जाता, तब तक स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव न कराने की मांग का ज्ञापन उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री व राज्यपाल को भेजा गया.  

    सांसद तड़स, जिलाध्यक्ष गोडे ने किया नेतृत्व 

    आंदोलन का नेतृत्व सांसद रामदास तड़स, जिलाध्यक्ष डा़ शिरीष गोडे, विधायक पंकज भोयर, प्रदेश सचिव राजेश बकाने, पूर्व सांसद सुरेश वाघमारे, नगराध्यक्ष अतुल तराले, भाजपा महामंत्री अविनाश देव, उपाध्यक्ष जयंत उर्फ गुंडू कावले, महिला आघाड़ी अध्यक्ष मंजूषा दुधबडे, ओबीसी आघाड़ी के गजानन राऊत, जिला महामंत्री भाजपा ओबीसी मोर्चा प्रवीण चोरे, मिलींद भेंडे, तहसील अध्यक्ष गिरीष कांबले, शहर अध्यक्ष पवन परीयाल ने किया.  

    उपस्थितों को किया संबोधित 

    आंदोलन में उपस्थितों को सांसद, विधायक भोयर ने संबोधित किया़ आंदोलन में राहुल करंडे, प्रदिप ठाकरे, प्रशांत बुरले, श्रेया देशमुख, शुभांगी कोलते, नीलेश किटे, श्रीधर देशमुख, कैलास राकडे, प्रतिभा बुरले, सुमित गांजरे, अजय पहाडे, अविनाश ठाकरे, महेश देवढे, अरूण ठाकरे, चंद्रशेखर घाटे, देवा निखाडे, भाजपा ओबीसी मोर्चा, भाजपा युवा मोर्चा, भाजपा महिला मोर्चा वर्धा जिला व सभी सेल के पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए थे.