Wardha Clash

    आष्टी शहीद. पुरानी रंजिश के चलते पारधी समाज के दो गुटों में शुक्रवार की शाम 4 बजे के दरमियान मोर्शी टी प्वाइंट पर खूनी संघर्ष हुआ. पत्थरबाजी के साथ ही लाठी और कुल्हाड़ी से प्रहार करने के कारण दोनों गुटों के करीब 40 व्यक्ति घायल होने की खबर है, जिसमें से कुछ को गंभीर रूप से चोटे आने के कारण उनकी हालत चिंताजनक बताई गई है. 4 व्यक्तियों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें अमरावती के इर्विन अस्पताल में उपचारार्थ भेजा गया है.

    हमलावरों ने दो कार के शिशे फोड़ दिए. घटना के दौरान टी प्वाइंट परिसर में करीब एक घंटे तक अफरातफरी मच गई थी. बोरगांव (टुमनी) व भिवापुर में पारधी समाज का बेड़ा है. दोनों बेड़े में गत कुछ वर्षों से विवाद चला आ रहा है. इसके चलते उनमें निरंतर छुटपुट मारपीट की वारदातें घट चुकी है. परंतु शुक्रवार को दोनों पारधी बेड़े के नागरिकों में पुरानी रंजिश को लेकर विवाद गहराया. 

    एक दूसरे पर की पत्थरबाजी से तनाव 

    दोनों गुटों के करीब 80 से 90 सदस्य कार व अन्य वाहनों से मोर्शी टी प्वाइंट परिसर में पहुंचे, जिसके बाद दोनों गुटों में तनाव की स्थिति निर्माण हुई. दोनों गुटों के सदस्यों ने एकदूसरे पर पत्थरबाजी आरंभ की तो कुछ सदस्य लाठी व कुल्हाड़ी लेकर एकदूसरे पर हमला करने लगे. करीब एक घंटे तक दोनों गुटों में संघर्ष चला. पुलिस को घटना की जानकारी समय पर नहीं मिलने से पुलिस देरी से घटनास्थल पर पहुंची. इससे अनेक व्यक्ति लहूलुहान हालत में पुलिस को मिले. पुलिस तुरंत उन्हें ग्रामीण अस्पताल में उपचार के लिये लाया. किंतु पुलिस पहुंचने के पूर्व अनेक घायल अपने वाहन से निजी अस्पताल में पहुंचने की जानकारी है.

    एक घंटे तक नागरिकों में रही दहशत 

    दो गुटों के बीच का खूनी संघर्ष एक घंटे तक चला, जिससे आष्टी के नागरिकों में भय का वातावरण था. कुछ नागरिक यह नजारा दूर से देख रहे थे. कुछ नागरिक दहशत के मारे घर में ही रहे. हमले में अमरावती जिले के चेकतपुर निवासी नेरकर श्रीवास्तव भोसले (48), राजवट श्रीवास्तव भोसले (40), सारवाडी पारधी बेड़ा निवासी ज्ञानदेश माणिक भोसले (50) व अंकेश साईबाबू भोसले (25) गंभीर रूप से घायल होने के कारण उनका ग्रामीण अस्पताल में इलाज कर उन्हें तत्काल अमरावती रेफर किया गया है. अन्य घायलों पर ग्रामीण अस्पताल में उपचार शुरू है. जानकारी मिलने के बाद आर्वी के एसडीपीओ सुनील सालुंके, थानेदार लक्ष्मण लोकरे दल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. पुलिस ने घटनास्थल का पंचनामा कर बयान दर्ज करना शुरू किया है. खबर लिखे जाने तक पुलिस कार्रवाई शुरू थी.       

    मार्ग का यातायात हो गया था अवरुद्ध

    घटना के दौरान भारी पथराव होने के कारण मोर्शी-वरुड़ व अन्य गांवों का यातायात पूर्णत: अवरुद्ध हो गया था. इससे मार्ग के दोनों छोर वाहनों की कतारें लग गई थी़  घटनास्थल पर पुलिस आने के पश्चात यातायात सुचारू किया गया. 1 घंटा परिसर में दहशत का माहौल बना हुआ था.