Bullet train
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    वर्धा. नागपुर-मुंबई बहुप्रतिक्षित बुलेट ट्रेन का मार्ग आसान होते दिखाई दें रहा है. औरंगाबाद में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रोजेक्ट को हरसंभव सहयोग करने का भरोसा दिलाया है. परिणामवश बुलेट ट्रेन प्रत्यक्ष में आने की सभी बाधाएं हटने के आसार नजर आ रहे हैं. वहीं बुलेट ट्रेन के निर्माण के संदर्भ में तहसीलस्तर पर जनसुनवाई होने की जानकारी प्रशासनिक सूत्रों से मिली है. उक्त प्रक्रिया पर अंतिम मुहर जिलाधिकारी की ओर से लगाई जाने वाली है.

    नागपुर-मुंबई समृद्धि महामार्ग से सटकर ही बुलेट ट्रेन गुजरने वाली है. समृद्धि महामार्ग के कारण जिले से मुंबई की दूरी महज आठ घंटे को होगी. परंतु बुलेट ट्रेन से यह दूरी मात्र ढाई घंटे के भीतर पूर्ण होगी, जिससे हवाई जहाज से मुंबई यात्रा करने वाले नागरिकों को दूसरा विकल्प मिल जायेगा. हवाई जहाज से जाने के लिये जिले के नागरिकों नागपुर जाना पड़ता है, जिसमें डेढ़ घंटे का समय लगता है. एयरपोर्ट पर एक घंटा व जाने के लिये एक घंटा ऐसा करीब साढे तीन से चार घंटे का सफर होता है. परंतु बुलेट ट्रेन से मात्र ढाई घंटे में मुंबई की दूरी तय होगी.

    58 किमी का बुलेट ट्रेन मार्ग

    जिले से बुलेट ट्रेन का मार्ग 58 किमी का रहने वाला है. यह ट्रेन सेलू, वर्धा व आर्वी तहसील से गुजरेगी, जिसमें दो ठहराव होंगे. वर्धा के लिये येलाकेली के पास तथा पुलगांव के लिये विरूल गांव के पास ठहराव होगा. बुलेट ट्रेन के दौरान वर्धा, धाम व बोर नदी पर पुल का निर्माण करना होगा. बुलेट ट्रेन की रफ्तार प्रति घंटा 350 किमी की रहने वाली है. वर्धा से मुंबई की दूरी 690 किमी के आसपास होगी, जिससे यह अंतर दो से ढाई घंटे के भीतर पूर्ण होगा.

    3 तहसीलों के किसानों को मिलेगा लाभ

    जिले के तीन तहसीलों से ट्रेन गुजरने वाली है. परिणामवश समृद्धि महामार्ग से सटी हुई एक ओर की जमीन सरकार द्वारा अधिग्रहित की जानेवाली है, जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक मुआवजा भी मिलेगा. अनेक किसानों की आधे एकड़ से कम जमीन बची है. उन्हें इस प्रोजेक्ट के कारण बड़ी राहत मिलने वाली है. उसी तरह बुलेट ट्रेन के मार्ग में सरकारी जमीन भी बड़ी मात्रा में होने के कारण उसे भी अधिग्रहित किया जाने वाला है.

    जनसुनवाई लेने के निर्देश

    बुलेट ट्रेन के निर्माण के संदर्भ जिस तहसील से ट्रेन जा रही है. उस परिसर के नागरिकों की उपस्थिति में जनसुनवाई लेने के निर्देश सरकार से प्रशासन को प्राप्त हुए है. इससे हर जिले में जनसुनवाई होने वाली है. वर्धा जिले की जनसुनवाई के संदर्भ में जिलाधिकारी के पास फाइल भेजी गई है.  सरकार के निर्देश के बाद जिलाधिकारी जनसुनवाई के संदर्भ में अंतिम निर्णय लेने वाली है. 

    जनसुनवाई की तारीख निश्चित नहीं हुई

    बुलेट ट्रेन के संदर्भ में जनसुनवाई की तारीख निश्चित नहीं हुई है. कुछ जिलों में तहसीलस्तर पर जनसुनवाई हुई है. जिले में भी तहसीलस्तर अथवा जिलास्तर पर जनसुनवाई लेने के संदर्भ जिलाधिकारी अंतिम निर्णय लेगी. 

    -मनोज खैरनार, उपजिलाधिकारी-भूमि अधिग्रहण.