अज्ञेय एग्रो कंपनी का प्रकरण: 1.25 करोड़ तक पहुंची फ्रॉड की रकम

  • अब तक 18 लोगों के बयान दर्ज

वर्धा. नाशिक की अज्ञेय एग्रो कंपनी द्वारा निवेश तथा प्रॉडक्ट के नाम पर धोखाधड़ी का प्रकरण सामने आया था़  इसमें दुष्यंत चाफले की शिकायत पर पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है़  प्रकरण की जांच आर्थिक अपराध शाखा पुलिस कर रही है़ पीड़ितों की संख्या बढ़ने से कंपनी के फ्रॉड की राशि करीब 1.25 करोड़ तक पहुंच चुकी है़ अब तक 18 लोगों के बयान दर्ज किए है़ं इसमें शिकायतकर्ताओं की संख्या बढ़ने की संभावना है़ वहीं दूसरी ओर आर्थिक अपराध शाखा आरोपियों की संपत्ति सर्च करने में जुटी है.

ज्ञात हो कि, 12 अक्टूबर को पुलिस ने दुष्यंत प्रमोद चाफले की शिकायत पर अज्ञेय एग्रो एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रा़ लि. नाशिक, अज्ञेय अर्बन मल्टीपल नीदी लिमिटेड नाशिक के संचालक रमेशकुमार अंबरसिंह जोनवाल, अनिता रमेशकुमार जोनवाल, रामसिंह अंबरसिंह जोनवाल, पवन रमेशकुमार जोनवाल, पंकज जोनवाल, रवींद्र पंडित दराडे, उशा संजय मोहिते, समाधान पगार सभी निवासी नाशिक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.

तब से प्रकरण की जांच आर्थिक अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक कांचन पांडे के नेतृत्व में चल रही है़ कंपनी ने जुलाई 2018 से 2019 दौरान दुष्यंत चाफले सहित जिले के कई लोगों को चपत लगाई़  कंपनी प्रलोभन दिखाते हुए करीब 38 लाख का चूना लगाया था़ प्रकरण में जांच आगे बढ़ने पर यह आंकड़ा अब 1 करोड़ 25 लाख के करीब पहुंच चुका है़ आगे भी फ्रॉड की राशि बढ़ने की संभावना है़  जिन लोगों से धोखाधड़ी हुई है, वे आर्थिक अपराध शाखा में जरूरी दस्तावेज लेकर पहुंचें व अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं, ऐसा आह्वान पुलिस विभाग ने किया है. 

50 लोगों का हुआ था टूर

उल्लेखनीय है कि, कंपनी द्वारा अच्छा कार्य करनेवाले करीब 50 लोगों को वैष्णवदेवी का हवाई टूर करवाया था़  इसके बाद उन्हीं लोगों को लाखों की चपत लगाई़  जिले में विभिन्न जगहों पर सेमिनार व शिविर लेकर लोगों को अपने जाल में फांसने का काम हुआ. 

अन्य राज्यों में धोखाधड़ी

वर्धा सहित महाराष्ट्र तथा अन्य राज्य में भी इस कंपनी द्वारा निवेश व प्रॉडक्ट बेचकर प्रलोभन दिखाते हुए लोगों को चपत लगाई़ कंपनी ने विभिन्न ठिकाणों पर अब तक 11 करोड के जालसाजी की जानकारी है़ एक एक कर अनेक बातें सामने आ रही है़. 

केवल वर्धा में मामला दर्ज

कंपनी द्वारा विभिन्न जगहों पर जालसाजी की बात सामने आयी है़  परंतु वर्धा के अलावा अन्य किसी भी जगह कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं हुआ है़ स्थानीय आर्थिक अपराध शाखा द्वारा कंपनी के संचालकों की संपत्ति सर्च करने का काम किया जा रहा है.