special cleanliness campaign' in UP
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    वर्धा. पिछले कुछ वर्षों से स्वच्छ सर्वेक्षण में सिटी का रैंक काफी पिछड़ गया है़ स्वच्छता में इस बार शहर को 52वां स्थान प्राप्त हुआ है़  फिर भी पिछले वर्ष की तुलना में सर्वेक्षण के रैंक में सुधार आने की बात कहीं जा रही है़ शुरूआती दौर यानि गटर योजना का कार्य आरंभ होने के पूर्व की परिस्थिति की तुलना में सिटी के स्वच्छता का रैंक काफी पिछड़ गया है.

    गत वर्ष 84 वें स्थान पर पहुंच गया था 

    शहर में गटर योजना शुरू होने के पूर्व परिस्थिति काफी अच्छी थी़  जब से गटर योजना का कार्य आरंभ हुआ है तब से शहर स्वच्छता में काफी पिछड़ गया है़ 2018 से स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू होने के बाद शहर का रैंक काफी अच्छा था़ किंतु पिछले वर्ष यह रैंक 84 वें स्थान पर पहुंच गया था़ इस वर्ष स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम आने के पूर्व नगर परिषद प्रशासन ने विभिन्न जगहों पर स्वच्छता उपक्रम चलाए थे, जिसका फायदा निश्चित ही हुआ है़  स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर अब 52 वें स्थान पर है़ नगर परिषदों के गुट से जनसंख्या के हिसाब से स्वच्छता में वर्धा शहर दूसरे स्थान पर होने की बात प्रशासन द्वारा बताई जा रही है. 

    सर्वेक्षण की प्रगति असंतोषजनक  

    भले ही स्वच्छता सर्वेक्षण में वर्धा नगर परिषद की स्थिति प्रशासन द्वारा अच्छी बताई जा रही है. किंतु वास्तविकता कुछ और ही है़ शहर के मुख्य चौराहों, मार्केट इन दिनों कचरे से पटा हुआ दिखाई देता है़ इससे स्वच्छता सर्वेक्षण की प्रगति असंतोषजनक होने की बात नागरिकों ने कही है.