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प्रतीकात्मक तस्वीर

  • शल्य चिकित्सक पर सवाल, मृतक के परिवार में संभ्रम

समुद्रपुर (सं). तहसील के शेडगांव में बाघ के हमले में चरवाहे की मौत हुई थी, जिसके बाद संबंधित विभाग ने पंचनामा कर शवविच्छेदन कर प्रस्ताव भी भेजा, लेकिन शल्य चिकित्सक तड़स की रिपोर्ट में मृतक के बदले घायल व्यक्ति का दिखाने से आश्चर्य जताया जा रहा है. इसकी जांच करने की मांग उठ रही है. तहसील में दो अलग-अलग घटनाओं में जंगली जानवरों के हमले में दो लोगों की मौत हुई.

इन हमलों में दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हुई, जिसके पश्चात पंचनामा कर प्रस्ताव संबंधित विभाग ने भेजा. परंतु शल्य चिकित्सक अधिकारी ने दी रिपोर्ट में वन्यजीवों के हमले में घायल होने का उल्लेख है. शरीर पर जख्मों का भी उल्लेख दर्शाने वाली रिपोर्ट दी है, जिससे पीड़ित परिवार में संभ्रम है. प्रकरण में जानबुझकर ऐसा हुआ है या, गलती हुई है, इस संदर्भ में संदेह जताया जा रहा है. 

परिजनों ने की गहराई से जांच की मांग 

घायल को सव्वा लाख तथा मृत व्यक्ति को 15 लाख रुपए मिलते हैं. शल्य चिकित्सक की रिपोर्ट से मृतकों के परिजनों को मदद से वंचित रहने की नौबत आन पड़ी है. शेडगांव निवासी कोठेराव रामभाऊ टिपले वन्यजीव के हमले में घायल होने की रिपोर्ट संबंधित विभाग ने दी. परंतु प्रत्यक्ष वे शेडगांव परिसर में बाघ के हमले में घटनास्थल पर ही मृत हुए. वहीं तहसील के पाठर निवासी बंडु पत्रुजी बावणे भी जंगली सूअर के हमले में घायल होने की रिपोर्ट है, परंतु वे मृत हुए. प्रकरण की गहरी जांच करने की मांग उठ रही है.