अनधिकृत बैनरों से विदृपीकरण, मार्ग पर लटकते बैनरों से दुर्घटना का खतरा, प्रशासन की अनदेखी

    वर्धा. पिछले कुछ वर्षों में शहर के मुख्य चौराहों, मार्गों पर बैनर, होर्डिंग्ज लगाने का चलन काफी बढ़ गया है़  इसमें ज्यादातर स्थानीय नेता, युवकों द्वारा दिए जाने वाले शुभेच्छा संदेश के बैनरों की भरमार लगी रहती है़  कई बार लोग बैनर लगाने का ठेका देते समय वह अधिकृत रूप से लगेंगे, या नहीं इस ओर ध्यान नहीं देता़  परिणामवश अनधिकृत बैनरों का प्रमाण बढ़ गया है़  दीपावली का त्योहार रहने से शहर में बड़े पैमाने पर बैनरबाजी हुई है़  इसमें से कई फटे हुए, पुराने बैनर नहीं निकाले गए है़  मार्ग पर लटकते यह बैनर मेन रोड पर दुर्घटना को न्योता दे रहे है़ं  अनधिकृत बैनर लगाने वालों पर कार्रवाई की जरूरत है.

    ठेकेदार के माध्यम से चल रहा खेल 

    शहर में लगने वाले बैनरों की वजह से विदृपीकरण नहीं हो, इस उद्देश्य से नगर परिषद प्रशासन निगरानी रखता है़  इसलिए बैनर के अधिकृत स्पॉट घोषित करके नगर परिषद ने 3 वर्ष के लिए ठेकेदार को भी नियुक्त किया है़  ठेकेदार के माध्यम से डील कर अधिकृत रूप से शहर में विज्ञापनों के बैनरों का व्यवसाय शुरू है़  फिर भी कुछ लोग अनुमति के अनधिकृत रूप से कहीं भी बैनर लगा रहे है़ं  नगर परिषद की अनदेखी की वजह से बैनरों से शहर का विदृपीकरण हो रहा है.  

    बैनर को लेकर बढ़ते जा रहे है विवाद

    इन दिनों शहर के गली, मोहल्लों में विभिन्न ग्रुप, संगठन निर्माण हुए है़  उनमें सामाजिक कार्य काफी कम, लेकिन चौराहो, मार्गों पर बैनर लगाने में ही हमेशा होड़ लगी रहती है़  कई बार किसी ग्रुप का बैनर दूसरा ग्रुप निकालकर वहां अतिक्रमण कर देता है़  तो कोई बैनर फाड़ देता है़  इस वजह से गुटों में विवाद की घटनाएं भी सामने आ रही है. 

    मुख्य मार्ग पर लोगों को हो रही परेशानी

    मेन रोड, बैचलर रोड के साथ ही वायगांव, देवली रोड, आर्वी रोड पर डिवाइडर के बीच स्ट्रीट लाइट पर बड़ी संख्या में बैनर लगाए जा रहे है़ं  इसमें नगर परिषद की सीमा तक बैनर लगाने पर कुछ तो नियंत्रण है़  लेकिन ग्रापं सिमा में आनेवाले मार्ग पर बड़ी संख्या में अनधिकृत रूप से बैनरबाजी की जा  रही है़  डिवाइडर के बीच लटकते बैनर मार्ग पर आने से दुपहिया चालकों को दुर्घटना का डर बना रहता है़  पुराने बैनर नियमित रूप से हटाने की जरूरत है.