Drunk female police employee, Wardha News
शराब पीकर महिला पुलिस (डिजाइन फोटो)

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वर्धा: अनुशासित पुलिस (Police) फोर्स के लोग ही यदि कानून की मिट्टी पलीद करने लग जाएं तो देश का क्या होगा? वर्धा (Wardha News) में जो घटना हुई वह बेहद शर्मनाक है।  वर्धा को ‘गांधी जिला’ कहा जाता है जहां शराबबंदी (Liquor ban in Wardha) लागू है।  पुलिस की जिम्मेदारी है कि मद्यनिषेध सख्ती से लागू करे लेकिन जब पुलिसकर्मी खुद ही नशे में (Drunk female police employee) बेसुध हो जाएं, तो इसे दीया तले अंधेरा ही कहना होगा। 

रात लगभग 11 बजे वर्धा-आर्वी मार्ग पर नशे में चूर महिला पुलिस कर्मी ने तेज रफ्तार से कार चलाते हुए 2 बाइक सवार युवकों को टक्कर मार दी जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए।  कार की पीछे की सीट पर एक अन्य पुरुष पुलिस कर्मी बेहोशी की हालत में मौजूद था।  समझा जाता है कि वह भी नशे में था।  जब दुर्घटना के बाद भीड़ ने कार को घेर लिया तो महिला पुलिस कर्मी ने वर्दी की धौस दिखाते हुए लोगों को डांटने-डपटने का प्रयास किया जबकि वह खुद को संभाल नहीं पा रही थी। 

फिर वह कार लेकर भाग निकली।  इस सारी घटना को एक जागरूक नागरिक ने मोबाइल पर शूट कर लिया और इसका वीडियो वायरल कर दिया।  किसी महिला पुलिस कर्मी का यह आचरण अत्यंत विचित्र और लज्जाजनक है।  कानून के रक्षक ही यदि कानून की धज्जियां उड़ाएंगे तो आम जनता के सामने कौन सा आदर्श रह जाएगा! यह कितने आश्चर्य व खेद की बात है कि ड्रंक एंड ड्राइव के मामलों में लोगों को पकड़नेवाले पुलिसकर्मी खुद शराब पीकर गाड़ी चलाने और टक्कर मारने लगे।  इससे यह भी स्पष्ट है कि जिस जिले में शराब बैन है, वहां मद्यनिषेध कोरा दिखावा बनकर रह गया है।

(एजेंसी)