नेताओं की उदासीनता से शिक्षा क्षेत्र पिछड़ा, MLA एड. वंजारी ने कहा

  • मुख्याध्यापकों की कार्यशाला व सत्कार समारोह

वर्धा. उच्च तकनीकी शिक्षा की तरह प्राथमिक माध्यमिक क्षेत्र का विकास नहीं हो पाया़ इसके लिए शिक्षा सचिव एवं सर्वपक्षीय नेता जिम्मेदार है़ं शिक्षा क्षेत्र यह पवित्र कार्य करणेवाला विभाग है़ मात्र शिक्षा क्षेत्र भी भटक चुका है़ इसमें भी भ्रष्टाचार शुरू हुआ है़ आज दो विधायकों ने नवनियुक्त शिक्षाधिकारी जगताप का शाल श्रीफल देकर सत्कार किया गया़ इसे ध्यान में रखकर मुख्याध्यापक संघ को साथ रखकर पारदर्शक कार्य करें. ताकि मुख्याध्यापकों की समस्याओं का हल करने में मदद मिलेगी़ साथ ही अनेक प्रश्न हल होंगे.

उक्ताशय के विचार विधायक एड. अभिजीत वंजारी ने व्यक्त किए़  स्थानीय येथील मातोश्री सभागृह में वर्धा जिला माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शाला मुख्याध्यापक संघ व शिक्षा विभाग माध्यमिक जिला परिषद वर्धा के संयुक्त तत्वावधान में जिले के सभी मुख्याध्यापकों की कार्यशाला व सेवानिवृत्त मुख्याध्यापकों का सत्कार समारोह संपन्न हुआ.  

सेवानिवृत्त मुख्याध्यापकों का सम्मान

कार्यक्रम की अध्यक्षता महा़ माध्यमिक उच्च माध्य.शाला संयुक्त महामंडल के अध्यक्ष मारुती खेडेकर ने की़ प्रमुख अतिथि के रुप में विधायक डा़ पंकज भोयर, शिक्षाधिकारी सचिन जगताप, डायट के प्राचार्य डा़ मंगेश  घोगरे, विदर्भ मुख्याध्यापक संघ के कार्याध्यक्ष अशोक पारधी, नरेशचंद्र वालके, हरि दंडारे, जिलाध्यक्ष सतीश जगताप, बलीराम झामरे आदी प्रमुख रुप से उपस्थित थे.

कार्यक्रम में कारंजा, देवली, हिंगनघाट, वर्धा, समुद्रपुर, पूलगांव क्षेत्र से सेवानिवृत्त मुख्याध्यापकों का सत्कार विधायक वंजारी, विधायक भोयर व प्रमुख अतिथियों के हाथो किया गया़ कोरानाकाल में मृत्यु हुए मुख्याध्यापकों को दो मिनट के लिए मौन रखकर श्रध्दांजलि अर्पित की गई़ प्रास्तविक में सतीश जगताप ने पिछले ढाई वर्ष में मुख्याध्यापक संघ की सभा नहीं हुई.

कोरोना काल में भी जारी रहा अध्यापन कार्य

आज करीब चार सौ मुख्याध्यापक सभा में उपस्थित रहे़  इस कार्यशाला व सत्कार का उद्देश्य बताया गया. विदर्भ अध्यक्ष शत्रुघ्न बिडकर ने संगठित होना कितना जरूरी है, यह बताया़ पारधी ने सेवानिवृत्त होने पर मुख्याध्यापकों को आनेवाली समस्या व परेशानी के बारे में बताया़ शिक्षाधिकारी जगताप ने कोरोनाकाल में भी बच्चों को पढ़ाना बंद नहीं रखा गया़ सोशल मीडिया के जरिए विद्यार्थियों से जुड़े रहे़  परंतु आज सोशल मीडिया पर अतिक्रमण हो गया है़ समाज में नकारात्मक बदल हो रहे है़ं इससे विद्यार्थियों को बचाने का काम मुख्याध्यापकों को करना है. 

नई शिक्षा नीति पर किया मार्गदर्शन

अध्यक्ष मारुति खेडेकर ने शिक्षा क्षेत्र से संबंधित मुख्याध्यापकों की समस्या पर मार्गदर्शन किया़ दूसरे चरण में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर डायट के प्राचार्य डा. मंगेश घोगरे ने मार्गदर्शन किया़ सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 तथा 1 मई से लोकसेवा गारंटी कानून पर अमल आदि पर शिक्षा अधिकारी सचिन जगताप ने मार्गदर्शन किया.

वहीं कर्मचारियों की सेवा किताबें, सेवानिवृत्ति, वेतन व लेखापरीक्षण पर अरविंद हेमके ने मार्गदर्शन किया़  संचालन वीरेंद्र मुले, गिरडकर ने किया़ आभार जिला सचिव मिलिंद सालोडकर ने माना़ सफलतार्थ प्रदीप गोमासे, इशरत खान, रविकिरण भोजने, विजय चौधरी, अतुल देवढे, दिनकर नंदनवार, संजय नांदे, राजेश सोलंकी, अनील तडस, राष्ट्रपाल थूल, विशाखा लोहवे, किशोर मंडघे, प्रमोद सव्वालाखे, गजानन पोले, मनोहर बारस्कर, राजेंद्र चौधरी, साहेब अवथले सहित अनेक ने प्रयास किए.

मुख्याध्यापकों की समस्या हल करें

विधायक डा़ पंकज भोयर ने अनेक सेवानिवृत्ति मुख्याध्यापकों की समस्या रखी़ अनेक प्रकरण प्रलंबित है़ं ग्रांड बंद हुई है़ जिले में को-आपरेटिव बैंक ने हजारों शिक्षकों के पैसे अटकाये रखे है़ं इसे निकालने के लिए विधायक एड. वंजारी से प्रयास करने की अपील की़  जिला ग्रंथालय में जिला मुख्याध्यापक संघ के कार्यालय के लिए एक कक्ष दिया जाए, ताकि ग्रंथालय साफ सुधरा रह सके.