Crop Loss by Rain, wardha

    देवली (सं). लगातार हो रही बारिश के कारण अब किसानों के हौसले जवाब देने लगे हैं. सोयाबीन सूख रहा है, लेकिन लगातार हो रही बारिश से उसे काटा नहीं जा सकता. न ही खेत के अंदर हार्वेस्टर जा सकता है. ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है कि अब सोयाबीन को अंकुर निकलने लगे हैं. वहीं कपास का भी मिलाजुला हाल है. लगातार हो रही बारिश से कपास के बोंड भी काले पड़ने लगे हैं और कुछ कपास के बोंडे सड़कर गिरने भी लगे हैं.

    जिन किसानों के खेतों में कपास निकल चुका है, वह कपास निकलने के लिए खेतों में मजदूर भी नहीं भेज सकते़  क्योंकि खेतों में लगातार बारिश के कारण दलदल बनी हुई है, अब किसान करें तो क्या करें. कभी आसमानी तो कभी सुलतानी मार से किसान ही मर रहा है़  ऊपर से सोयाबीन के दामों में जबरदस्त गिरावट के कारण किसान परेशान हो चुका है. 10 हजार रु़  प्रति क्विंटल पर से 4,500 रु़ प्रति क्विंटल पर सोयाबीन के दाम आने से किसान हैरान भी है और परेशान भी है़  

    चर्चाएं व सब्र के सिवा कुछ नहीं मिल रहा 

    एक माह में 10 हजार से 4500 इतने बड़े अंतर से दाम कैसे गिर सकते हैं. इसका जवाब किसान हर किसी से मांग रहा है, लेकिन चर्चाएं और सब्र के सिवा उसे कुछ नहीं मिल रहा है. अगर वापसी की बारिश जल्द नहीं रूकी तो शायद शासन कि ओर किसान गीला अकाल घोषित करने की मांग हर तरफ से उठा सकते है.