जारी रहेगा किसान सत्याग्रह, आंदोलन को 341 दिन पूर्ण

    वर्धा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन कृषि कानून रद्द करने की घोषणा की़  इसके बाद वर्धा में चल रहे किसान-कामगार सत्याग्रह में शामिल आंदोलकों ने संतोष जताया है़ वहीं जब तक इस कानून को संवैधानिक रूप से मान्यता नहीं मिलती, तब तक सत्याग्रह आंदोलन शुरू रखने का निर्णय लिया गया है.

    तीन कृषि कानून पिछे लेने की मांग को लेकर दिल्ली में 28 नवंबर 2020 से किसानों ने आंदोलन शुरू किया़ इसे आज एक वर्ष पूर्ण होने जा रहा है़  इस आंदोलन के समर्थन में वर्धा के बजाज चौराहे पर 15 दिसंबर 2020 से किसान-कामगार सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया गया है. इस आंदोलन को 341 दिन पूर्ण हो चुके है.  

    क्रांति मोर्चा के निर्णय का इंतजार

    इस बीच शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने तीन कृषि कानून पिछे लेने की घोषणा करते ही आंदोलकों ने संतोष जताया है़ परंतु दिल्ली में जब तक आंदोलन शुरू रहेगा, तब तक वर्धा का भी आंदोलन शुरू रहेगा़ अखिल भारतीय किसान क्रांति मोर्चा के निर्णय पर ही यह आंदोलन पिछे लिया जाएगा़ सांसद में कानून लाकर इसे रद्द करने, एमएसपी कानून करने व अन्य कुछ मांगों पर सहमती दर्शाने की मांग आंदोलकों ने की है.