Ganesh Immersion
File Photo : PTI

  • नम आंखों से विदाई, पर्यावरण पूरक विसर्जन को प्रतिसाद

वर्धा. गणेशोत्सव अब अंतिम पड़ाव पर है. जितनी खुशी के साथ गणेश चतुर्थी पर गणपति बाप्पा की स्थापना की जाती है, उतनी ही खुशी और हर्षोल्लास के साथ विसर्जन भी किया जाता है. भले ही वह पल थोड़ा भावुक करने वाला होता, लेकिन रंग-गुलाल उड़ाते हुए, नाचते गाते बाप्पा को विसर्जित किया जाता है. और बाप्पा को अगले बरस फिर आना कहते हैं. परंतु कोरोना की पार्श्वभूमि पर सादगी से अब लाड़ले बाप्पा की विदाई शुरू हो गई है. लोग पर्यावरण पूरक गणेश विसर्जन को प्रतिसाद दे रहे हैं. विघ्नहर्ता भक्तों के सारे संकट हर लेते हैं और उन्हें जीवन में सुख-शांति और समृद्धि देते हैं.

भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी पर गणेश मूर्ति की स्थापना की गई थी और अन्नत चौदस के दिन विसर्जन किया जाएगा. विसर्जन का सिलसिला द्वादस शनिवार से ही शुरू हुआ. कोरोना संकट में सरकार ने सादगी से गणेश विसर्जन करने का आह्वान किया है, जिसे भक्तों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है. डेढ़, ढाई व पांच दिन के श्रीगणेश का विर्सजन हुआ है. प्रशासन ने इस बार पवनार, येलाकेली स्थित नदी में मूर्ति विसर्जन पर पाबंदी लगाई है.  अब नप ने शहर में कृत्रिम कुंड लगाकर पर्यावरण पूरक विसर्जन की व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए की है.

9 स्थानों पर लगाए गए कृत्रिम कुंड

वर्धा नप के साथ समूचे जिले में इस बार पर्यावरण पूरक गणेश विसर्जन को प्रतिसाद मिल रहा है. नप ने शहर में 9 स्थानों पर कृत्रिम कुंड तैयार किए हैं, जहां 17 से 20 सितंबर तक श्रद्धालु मूर्ति विसर्जित कर सकेंगे. इसके साथ ही निर्माल्य कुंड की व्यवस्था अलग से की गई है. शहर के आर्वी नाका चौराहा, छत्रपति शिवाजी महाराज चौराह, सोशलिस्ट चौक, दादाजी धुनिवाले मठ चौक, महात्मा गांधी प्रतिमा चौक, जमनालाल बजाज प्रतिमा चौक, रामगनर भगतसिंह चौराह, गर्जना चौक, लालबहादुर शास्त्री प्रतिमा चौराहा में कृत्रिम विसर्जन कुंड लगे हैं. प्रतिवर्षा नुसार इस वर्ष भी वैद्यकीय जनजागृति मंच ने आक्सीजन पार्क पर दो बड़े कृत्रिम विसर्जन कुंड लगाए हैं, जहां सोत्साह के साथ लाड़ले बाप्पा को विदाई दी जा रही है.

192 सार्वजनिक,13,890 घरेलू स्थापना

इस बार जिले में 19 थाना अंतर्गत कोरोना के बीच सादगी गणेशोत्सव मनाया जा रहा है. जिले में कुल 192 सार्वजनिक गणेश मंडल की मूर्तियों की स्थापना हुई है. वहीं 13 हजार 809 घरों में भी गणेश मूर्तियों की स्थापना की गई. वहीं जिले के 70 गांवों में एक गांव, एक गणपति की स्थापना करके ग्रामीणों ने आपसी भाइचारे व सौदार्ह की मिसाल कायम की है.

पुलिस विभाग का लगा है कड़ा बंदोबस्त

गणेशोत्सव को ध्यान में रखते हुए जिले में किसी तरह की अनुचित घटना न घटे, इस उद्देश्य से पुलिस का कड़ा बंदोबस्त रखा गया है. इसके लिए पुलिस अधीक्षक प्रशांत होलकर के मार्गदर्शन में अपर पुलिस अधीक्षक यशवंत सोलंकी के नेतृत्व में चार उपविभागीय पुलिस अधिकारी, थानेदार, एपीआई, पीएसआई सहित कुल 75 अधिकारी स्थिति पर ध्यान रखे हुए हैं. वहीं करीब 1,250 पुलिसकर्मी के साथ 600 पुरुष व 100 महिला होमगार्ड भी तैनात है. इसके अलावा नाशिक से 10 प्रशिक्षु पुलिस उपनिरीक्षकों को बुलाया गया है.