मध्यप्रदेश का गिरोह पकड़ा, मकान व दूकानों में की थी चोरियां, 1.33 लाख का माल जब्त

    वर्धा. मकान व दूकानों में सेंध लगानेवाली मध्यप्रदेश के गिरोह को पुलिस ने हिरासत में लिया़  उनसे 1 लाख 33 हजार 310 रुपयों का माल जब्त किया गया़  उन्होंने 5 जगहों पर चोरी को अंजाम दिया था़  इस कार्रवाई को एलसीबी ने अंजाम दिया़ आरोपियों में मध्यप्रदेश के बराड निवासी खडकसिंह उर्फ राकेश गुंगा उर्फ रामसिंह अलावा (45), सिंगाचोरी निवासी पारस रतन मंडोई (30) तथा सिमलखेड़ी निवासी वेलसिंह दुर्जन बामनीया (45) का समावेश है.

    जानकारी के अनुसार 24 से 26 अक्टूबर के दौरान शहर के लहानुजीनगर सहित कुछ हिस्सो में चोरी की वारदाते सामने आयी़  इसमें शहर पुलिस ने शेख बशीर शेख रज्जाक (40) की शिकायत पर मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी़ चोरों ने पांच मकानों को निशाना बनाते हुए 2 लाख 30 हजार रुपयों का माल चुराया था़  गत कुछ दिनों से शहर व आसपड़ोस के परिसर में चोरों ने आतंक मचा रखा है़  इससे नागरिकों में दहशत व्याप्त है़  इसे गंभीरता से लेते हुए एसपी प्रशांत होलकर ने दिशानिर्देश जारी करते हुए एलसीबी की विशेष टीम नियुक्त की.  

    मिली थी खुफिया जानकारी

    खुफिया जानकारी के आधार पर उक्त टीम 27 अक्टूबर ने गिरोह की तलाश शुरु कर दी़ जानकारी मिली कि, चोरी की दुपहिया से 3 आरोपी नागपुर की ओर जा रही है़ इसके आधार पर पुलिस ने सीताबर्डी आनंद टाकीज परिसर से तीन युवकों को हिरासत में लिया़ तलाशी लेने पर उनसे पेचकस, स्क्रु पाना, कटर व एक स्टील का चाकू जब्त किया गया़ पूछताछ करने पर उन्होंने वर्धा में चोरी की कबूली दी़  उनसे चोरी के आभूषण व नकद जब्त किया गया.

    इस गिरोह ने शहर व रामनगर थाना क्षेत्र में चोरियों को अंजाम देने की बात सामने आयी़  उनसे नकद, मोबाइल व आभूषण कुल 1 लाख 33 हजार 310 रुपयों का माल जब्त किया गया़  तीनों आरोपी मध्यप्रदेश के धार के निवासी है़  वे 18 अक्टूबर को नागपुर पहुंचे थे़  28 तक वर्धा व चंद्रपुर जिले की रेकी कर चोरियों को अंजाम दिया.

    वर्धा सीटी में 4 रामनगर थाना क्षेत्र के 1 कुल 5 मकानों को निशाना बनाया़  आगे की जांच पड़ताल के लिए उन्हें शहर पुलिस के हवाले कर दिया गया़  इस कार्रवाई को एसपी प्रशांत होलकर, अपर पुलिस अधीक्षक यशवंत सोलंके, एलसीबी पीआई संजय गायकवाड, एपीआई महेंद्र इंगले के मार्गदर्शन में पीएसआई गोपाल ढोले, सौरभ घरडे, पुलिसकर्मी अशोक साबले, निरंजन वरभे, नरेंद्र डहाके, गजानन लामसे, स्वप्नील भारद्वाज, रणजित काकडे, हमीद शेख, चंद्रकांत बुरंगे, प्रमोद पिसे, राजेश तिवसकर, श्रीकांत खडसे, राजेश जयसिंगपुरे, मनीष कांबले, रामकिसन इप्पर, गोपाल बावणकर, राकेश आष्टणकर, विकास अवचट, नवनाथ मुंढे, अमोल ढोबाले, अखिल इंगले ने अंजाम दिया.