Collectorate Garbage

    वर्धा. आम जनता को स्वच्छता का संदेश प्रशासनिक अधिकारी हमेशा ही देते रहते है़ं  किंतु वहीं सरकारी कार्यालयों से स्वच्छ भारत अभियान की इन दिनों धज्जियां उड़ रही है़ जिलाधिकारी कार्यालय का कचरा पिछले हिस्से में खुली जगह पर डाला जा रहा है, जिससे सर्वत्र गंदगी का आलम बना हुआ है. 

    सरकार की ओर से स्वच्छ भारत अभियान योजना पर प्रभावी रूप से अमल किया जा रहा है़ इसके लिए समय-समय पर निधि का भी प्रावधान कर उपाय योजना की जा रही है़ स्वच्छ भारत योजना में व्यापक जनजागृति पर सर्वाधिक जोर दिया जा रहा है़ प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारियों पर योजना की जिम्मेदारी सौंपी है़ किंतु, जिलाधिकारी कार्यालय से ही कचरे का नियोजन नहीं होने के कारण आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा है.  

    कचरा गाड़ी जा रही वापस

    जिलाधिकारी कार्यालय स्थित सभी विभागों में कचरा डालने के लिए कूड़ादान की व्यवस्था की गई है़ सुबह प्रतिदिन कचरा गाड़ी भी कार्यालय में नियमित रूप से आती है़ वहीं सुबह 9 बजे तक संबंधित कर्मचारी अनुपस्थित रहने से कचरे को ठिकाने नहीं लगाया जाता, जिससे गाड़ी खाली ही वापस चली जाती है़ कचरा कुंडी में ज्यादातर रफ कागजातों का ही कचरा रहता है़ कचरा कुंडी भरने के बाद इसे कार्यालय के पिछले हिस्से में ही खाली कर दिया जाता है, जिससे सर्वत्र गंदगी का आलम है.  

    नागरिकों को हो रही भारी परेशानी

    जिलाधिकारी कार्यालय के पीछे सरकारी आवास है़ पहले ही उक्त कालोनी में नियमित सफाई नहीं होने की नागरिकों की शिकायतें है़ ऐसे में जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से खुले में डाले जा रहे कचरे से सर्वत्र गंदगी फैल रही है़ जहां से कभी भी कचरा नहीं उठाया जाता़ इससे सड़े-गले कचरे से परिसर में गंदगी फैल रही है.  

    वरिष्ठ अधिकारियों को ध्यान देने की जरूरत

    कार्यालय की सुविधाओं की नियमित जांच करने की जिम्मेदारी अधिकारियों की है़ किंतु, वह कभी भी इस ओर ध्यान नहीं देते़ इसकी वजह से मई महीने में संपूर्ण कार्यालय में पीने के पानी की गंभीर समस्या निर्माण हो गई थी़ शौचालयों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण परिसर में बदबू फैल रही है़ पान की पिचकारियों से इमारत की दीवारे रंगी दिखाई देती है, जिससे समस्या दिनों दिन गंभीर हो रही है़ वरिष्ठों को ध्यान देने की जरूरत है.