विभाग के माध्यम से कराएं निरीक्षण, ई-फसल पर विधायक तिमांडे ने की मांग

    समुद्रपुर (सं). किसानों के खेतों में ई-फसल निरीक्षण विभाग के माध्यम से किए जाने की मांग का ज्ञापन तहसीलदार मार्फत मुख्यमंत्री को पूर्व विधायक राजू तिमांडे के मार्गदर्शन में सौंपा गया. ई-फसल निरीक्षण कार्यक्रम का क्रियान्वयन करते समय ग्रामीण परिसर के किसानों की विविध परेशानियों को ध्यान में लेते हुए किसानों को सख्ती ना करें. इन कार्यक्रमों को सरकारी माध्यम से क्रियान्वयन किया जाए. किसानों के खेत का सर्वे कर सातबारा गट क्रमांक कुल क्षेत्र परिसर के किसान के फसल के जानकारी साफ्टवेअर में किसानों ने स्वयं भरकर फोटो निकालकर अपलोड करना सरकार ने आवश्यक की है. सूचना एवं तंत्र युग के 21वें शतक में भारतीय किसान कम्प्यूटर के तकनीक में कुशल है.

    तहसीलदार के जरिए CM को ज्ञापन 

    ऐसी शासन की जानकारी है. परंतु अनेक किसान अशिक्षित होकर उनके पास मोबाइल भी नहीं है. ऐसे किसान के पास एंड्राइड मोबाइल कहां से आएगा. किसानों को साफ्टवेअर क्या है, इसकी जानकारी नहीं है. राज्य के अनेक गांव देहांतो में अभी तक इंटरनेट सेवा नहीं पहुंची. आज भी किसानों की आर्थिक स्थिति अत्यंत बिकट है. इसलिए ऐसे गरीब अशिक्षित सभी सामान्य वर्गों के लिए ई-फसल कार्यक्रम परेशानीभरा साबित हो रहा है. प्राकृतिक आपदा की वजह से किसानों द्वारा अत्यल्प प्रमाण में प्रतिसाद मिल रहा है. सितंबर में लगातार हो रही बारिश से कुछ किसानों का सोयाबीन खराब हुआ है. 

    किसानों को राहत दिलाने पर दे रहे जोर 

    ऐसे समय कोई भी किसान किसान योजना से वंचित न रहते हुए सरकार ने यह कार्यक्रम स्वयं क्रियान्वित कर किसानों को राहत दिलाने की मांग तहसीलदार के मार्फत से मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री अजित पवार, कृषि मंत्री दादा भुसे को पूर्व विधायक के मार्गदर्शन में सौपा है. ज्ञापन सौंपते समय मधुकर कामडी, पूर्व नगरसेवक राजू उमरे, पूर्व नगरसेवक प्रदीप डगवार,  आशीष अंड्रसकर, पूर्व नगरसेवक अशोक डगवार, सौरभ सालवे, राहुल लोहकरे, सुधीर सालवे, रत्नाकर आस्कर, पांडुरंग नंदुरकर आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे.