Hunger Strike

  • नहीं निकल रहे है ठेकेदारों के बिल

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आष्टी शहीद. नगरपंचायत के अधिकारी व कर्मचारी द्वारा ठेकेदारों को हो रहे मानसिक व आर्थिक तकलीफ व मनमानी के विरोध में ठेकेदारों ने 21 दिसंबर से बेमियादी अनशन शुरू किया था. दौरान पूर्व विधायक अमर काले के आश्वासन के बाद ठेकेदारों ने अनशन समाप्त किया.

ठेकेदार चंद्रकांत आष्टनकर ने नगरपंचायत के अधिकारी व कर्मचारी द्वारा मार्च 2020 से आर्थिक व मानसिक छल करने का आरोप लगाया है. स्वामी कंस्ट्रक्शन को वर्ष 2019 में हुए काम का बिल अब तक नही दिया गया. सहारा कंस्ट्रक्शन आष्टी को वर्ष 2016 से 2017 में प्रभाग दस में हुए काम का बिल नही मिला. प्रतिक कंस्ट्रक्शन को वर्ष 2017-18 में हुए काम का देयक नही दिया गया, राम मुंडे को जलापूर्ति काम का बिल नही मिला है. इस संबंध में कार्यालय में सूचना अधिकार के तहत जानकारी मांगने पर आनाकानी की जा रही है. 

कोताही बरतनेवालों पर हो कार्रवाई

काम पूरी करने के बाद भी संबंधित विभाग द्वारा ठेकेदारों के बिल नहीं निकाले जा रहे है़ लॉकडाउन के समय ठेकेदारों ने अपने जेब से पैसे लगाकर काम किया़ अब ठेकेदारों के सामने बड़ी आर्थिक परेशानी है, ऐसे में बिल नहीं निकालकर प्रशासन उनका आर्थिक शोषण करने का आरोप लगाकर बिल की राशि तुरंत अदा करने व संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों पर कार्रवाई करने की मांग ठेकेदार नरेश दलाल, संजय दारोकार, राम मुंडे ने की . 

मिला आश्वासन

अनशनकर्ताओं ने अस संबंध में मुख्याधिकारी पल्लवी राऊत से चर्चा की, जिसमें कुछ मामले हल तो हुए परंतु अब भी अनेक मामले प्रलंबित है. जिससे ठेकेदारों ने प्रशासन के विरोध में अनशन शुरू किया था. दौरान बुधवार को विधायक दादाराव केचे ने अनशन मंडप को भेंट देकर मुख्याधिकारी से चर्चा की. साथ ही जिलाधिकारी को जानकारी देकर बैठक लेने को कहा. पश्चात पूर्व विधायक अमर काले ने अनशन मंडप को भेट देकर चर्चा की. 28 दिसंबर को पालकमंत्री सुनील केदार से बैठक लगाने का आश्वासन देने के बाद अनशन समाप्त किया गया.