Bachat Gat

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  • बचतगुट संख्या 14,336
  • महिलाओं की संख्या 1,51,616 
  • कार्यशील पूंजी के लाभार्थी बचतगुट 14189
  • समुदाय निवेश पूंजी के लाभार्थी बचतगुट 9560

वर्धा. जिले में महिला बचत गुट के माध्यम से महिला सशक्तिकरण का उद्देश्य सही मायने में सफल होते दिख रहा है़ 1.34 लाख महिलाओं की वार्षिक आय 1 लाख के पार हो गई है. सरकार की योजना के तहत कार्यशील पूंजी, सामुदाय निवेश पूंजी तथा बैंकों से कर्ज उपलब्ध होकर लघु उद्योग शुरू होकर महिलाओं को रोजगार उपलब्ध हुआ है. जिले की 8 तहसील में कुल 14 हजार 336 बचत गुटों की संख्या है़  इन बचत गुटों के माध्यम से कुल 1 लाख 51 हजार 616 महिलाएं जुड़ी है़. 

महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण जीवनोन्नति अभियान(उमेद  के अंतर्गत निरंतर महिलाओं को विविध लघु उद्योग शुरू करने के लिए मार्गदर्शन से लेकर योजना के तहत कार्यशील पूंजी व समुदाय निवेश पूंजी तथा कर्ज उपलब्ध किया जाता है. योजना का लाभ लेकर हम भी रोजगार प्राप्त कर परिवार चलाने में सक्षम हैं. यह महिलाओं ने अपने कार्य से सिद्ध किया है. जिले की 1 लाख 34 हजार महिलाओं की सालाना आय 1 लाख रुपयों के पार हो गई है. जबकि 17 हजार 616 महिलाओं की आय अभी भी 1 लाख से कम होने के कारण निरंतर उन्हें व्यवसाय में सक्षम बनाने के लिए प्रयास किया जा रहा है.

एक वर्ष में 6.15 करोड़ का कर्ज बांटा

बचतगुटों को वर्ष में 2023-24 तक 6.15 करोड़ रुपयों का कर्ज वितरण बैंकों के माध्यम से किया गया है. जिसका लाभ 1 हजार महिला बचतगुटों को प्राप्त हुआ है. उसी प्रकार महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण जीवनोन्नति अभियान (उमेद) के अंतर्गत कार्यशील पूंजी का लाभ 14 हजार 189 बचतगुट तथा समुदाय निवेश पूंजी का लाभ 9 हजार 560 बचतगुटों को प्राप्त हुआ है.  

योजनाओं का लाभ लें

बचतगुटों के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर महिलाओं ने लघु उद्योग शुरू कर अपनी व परिवार की आर्थिक उन्नति साध्य करनी चाहिए. 

-स्वाति वानखेडे, जिला अभियान व्यवस्थापक

कहा कितने बचतगुट

आर्वी 1690

आष्टी 1202

देवली 1678

हिंगनघाट 2003

कारंजा 1265

समुद्रपुर 2068

सेलु 1576

वर्धा  2854

कुल बचतगुट 14336