CM Uddhav Thackeray Review Meeting

  • कोरोना के साथ ही नया संकट
  • मुख्यमंत्री के प्रशासन को उचित निर्देश

वर्धा. ब्रिटन तथा अन्य कुछ देशो में कोरोना विषाणू का दूसरे तरह हा संकट देखने मिल रहा है. इसमें कोरोना विषाणू का प्रसार काफी गति से बढने की बात सामने आयी है. इस तर्ज पर राज्य में सभी प्रशासकीय यंत्रणा सतर्क रखी जाए. जिलास्तर पर कोरोना टेस्टींग बढाने के साथ ही मास्क का उपयोग अनिवार्य है. आगामी संकट को भापते हुए जागरुक रहने का आह्वान मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने किया है.

 मुख्यमंत्री ठाकरे मंगलवार को सभी विभागीय आयुक्त, सभी जिलाधिकारी, महानगरपालिका आयुक्त तथा जिला पुलिस अधिकारी से दूरदृष्य प्रणाली द्वारा रुबरु हुए. कोरोना स्थिती, कोरोना विषाणू की दूसरी लहर, इसके लिए बरती जानेवाली सतर्कता, टिकाकरण की तैयारी आदि बातों का जायजा लिया गया.

इस प्रणाली में स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव सीताराम कुंटे, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहगार अजोय मेहता, अपर मुख्यसचिव आशिषकुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डा. प्रदिप व्यास, राज्य टास्कफोर्स के सदस्य डा. शशांक जोशी जुडे हुए थे.

मुख्यमंत्री ठाकरे ने बताया कि, कोरोना विषाणू को प्रतिबंध लगाने अब तक सभी यंत्रणा ने काफी मेहनत की है. अब दूसरे संकट की तर्ज पर हमें लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए. पहले से अधिक मेहतन करनी होंगी़ ऑक्सीजन, वेंटिलेटर्स, औषधी का पर्याप्त संचय, क्वारंटाईन की सुविधा सज्ज रखे़ यह विषाणू जिस गति से आगे बढ रहा है, इसके लिए ईलाज तथा टेस्टींग की क्षमता बढाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए. 

‘मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी’ अभियान अंतर्गत सहव्याधी (कोमॉरबिड) लोगों का डेटा (माहिती) स्वास्थ्य विभाग की ओर है. स्थानीय स्वास्थ्य  यंत्रणा ऐसे सहव्याधी मरिजों से संपर्क करें. चर्चा कर उनमें स्वास्थ्य विषयक जनजागरण करें, ऐसा भी मुख्यमंत्री ने बताया. साथ ही कोरोना टिकाकरण की तैयारियों का जायजा भी लिया गया.

कोरोना से होनेवाले मृत्यु का प्रमाण करने पर जोर दिया जाए. स्वास्थ्य मंत्री टोपे ने भी प्रशासन को उचित दिशानिर्देश किए़ वर्धा से नागपुर रेंज के विशेष पुलिस महानिरीक्षक चिरंजीव प्रसाद, जिप के मुकाअ डा. सचिन ओंबासे, पुलिस अधीक्षक प्रशांत होलकर, निवासी उपजिलाधिकारी सुनील कोरडे, जिला शल्य चिकित्सक डा. सचिन तडस, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. अजय डवले, महात्मा गांधी आयुर्विज्ञान संस्था के अधीक्षक डा. नितीन गंगने, विनोबा भावे ग्रामीण अस्पताल के डा. अभ्युदय मेघे शामील हुए थे.