बारिश से नुकसान का तत्काल करें पंचनामा, निरीक्षण के बाद सांसद ने दिए विभाग को आदेश

    देवली (सं). तहसील में अतिवृष्टि से हुए नुकसान के कारण मकान व खेती फसलों का सांसद रामदास तड़स ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया. इस दौरान नुकसानग्रस्त घर व किसानों की फसल का तुरंत पंचनामा तैयार करके आर्थिक मदद देने के दृष्टिकोण से जरूरी कार्यवाही के आदेश अधिकारियों को दिए.

    तहसील के सोनोरा (ढोक), बाबुलगांव (बोबडे), शेंदरी, इंझाला, तलणी, चोंदी व परीसर में अतिवृष्टि से हुए गांव व खेती परिसर को सांसद ने प्रत्यक्ष भेंट देकर किसानों से संवाद साधा. उक्त समय पूर्व सभापति व जिप सदस्य मुकेश भिसे, उपसभापति युवराज खड़तकर, पुलगांव के पुलिस निरीक्षक शेलके, नायब तहसीलदार अजय झिले, मंडल अधिकारी एकापुरे, ग्रामसेवक वानखेड़े, पटवारी यूबी मरापे उपस्थित थे. 

    गांव के पुनर्वसन का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में 

    सोनोरा ढोक गांव लेंडी व लाकडी नाले के समीप है. वर्ष 2006 में हुए बारिश से गांव का बड़े प्रमाण में नुकसान हुआ था. उस वक्त 200 से 250 लोगों के घर में पानी घुसने से आर्थिक नुकसान हुआ था. उस वक्त गांव का पुनर्वसन करने की मांग की गई थी. वर्ष 2006 जैसी स्थिति हुई तो समूचे गांव का नुकसान हो सकता है. पुनर्वसन का प्रस्ताव जिला प्रशासन को प्रस्तुत किया गया है. अब तक इस संदर्भ में निर्णय नहीं हुआ, गांव का पुनर्वसन करने की मांग सोनोरा ढोक के नागरिकों ने सांसद तड़स से की. गत पखवाड़े से बारिश जारी होकर लोअर वर्धा बांध के गेट खोले जाने से वर्धा नदी में बाढ़ आ गई, जिससे गांव के नालों में भी बाढ़ आयी. परिणाम स्वरुप अनेक गांवों के घरों का नुकसान हुआ. 

    किसानों के मुंह तक आया निवाला छीन गया

    अतिवृष्टि से किसानों के फसलों का काफी नुकसान हुआ, जिससे मुंह तक आया निवाला छीन गया. तहसील प्रशासन ने तुरंत नुकसान का पंचनामा तैयार कर नुकसानग्रस्तों को मदद देना अनिवार्य है. उक्त समय बाबुलगांव बोबडे के कार्यकारी सरपंच श्रीकांत बोबडे, लोनी के सरपंच वैभव श्यामकुंवर, मधुकर बोबडे, कुणाल पारिसे, जीवन बोबडे, प्रवीण शिंदे, मोरेश्वर बोबडे, सोनोरा ढोक के सदस्य प्रवीण ढोक, आकाश बोंदाडे, राजू चंदेल, अवधूत लोणारे व किसान उपस्थित थे. भिड़ी के हरिदास देवनले बाढ़ में बह गए, उनके परिवार को सांसद ने भेंट देकर सांत्वना दी. उक्त समय जिप सदस्य मुकेश भिसे, पुलिस पाटिल विजय देवनले, राजू रोकडे, राजू खड़से, शेखर देवनले उपस्थित थे.