AITUC

    वर्धा. 9 अगस्त क्रांति दिवस पर सोमवार को दिनभर जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में मोर्चाकारियों का जमावड़ा लगा रहा़ विविध राजनीतिक व सामाजिक संगठनों ने मोर्चा, आंदोलन के माध्यम से प्रशासन व सरकार का ध्यान खींचते हुए जिलाधिकारी को विविध मांगों के ज्ञापन सौंपे. 

    खेलरत्न पुरस्कार का नाम बदलने पर जताया निषेध

    महिला कांग्रेस कमेटी ने 9 अगस्त क्रांति दिवस पर जिलाध्यक्ष हेमलता मेघे के नेतृत्व में सद्भावना भवन में झंडावंदन किया. पश्चात कांग्रेस ने केंद्र सरकार की ओर से ऐतिहासिक राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदले जाने का विरोध जताया़  इसके निषेध में जिलाधिकारी से भेंट करके ज्ञापन सौंपा गया़  मोदी सरकार की इस प्रकार की कृति अत्यंत निंदनीय है़  इसे नहीं रोका गया तो कांग्रेस की ओर से तीव्र आंदोलन करने की चेतावनी ज्ञापन में दी गई़  ज्ञापन देते समय महिला कांग्रेस कमेटी की जाधव, कश्यप, भुजाडे, शोभा सातपुते, मेंढेवार, शीला दीक्षित, भारती सातपुते, सरोज गांजरे, वर्षा पाटोले, साहिबा शेख, नीलिमा फुलबांधे, वैशाली सहारे, संध्या गायकवाड, जयश्री कटारे, वैशाली तडस आदि उपस्थित थे.

    स्कूलें पूर्ववत शुरू करें : विद्यार्थी पालक संघ ने की मांग

    कोरोना संकटकाल के चलते बंद की गई स्कूलें पूर्ववत शुरू किए जाने,  संविधान विरोधी नए शैक्षणिक मानको को रद्द करने की मांग के लिए विद्यार्थी पालक संघ ने अनिल जवादे के नेतृत्व में जिलाधकारी कार्यालय में दस्तक दी़  पिछले डेढ़ वर्ष से स्कूलें बंद पड़ी है़  इसमें विद्यार्थियों का शैक्षणिक नुकसान हुआ है़  विद्यार्थियों का मानसिक संतुलन भी बिगड़ता जा रहा है. बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा भी काफी जरूरी है़  परंतु नियमों के आधिन रहकर स्कूलें शुरू की जा सकती है़  विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए स्कूलें आरंभ करें. साथ ही केंद्र सरकार ने जाहिर किए गए नए शैक्षणिक मानकों से गरीब विद्यार्थी शिक्षा से वंचित रह सकते है़  इस लिए उक्त मानक रद्द करें. 

    फ्लैक्स व स्लोगन दिखाकर प्रशासन का खींचा ध्यान 

    इसके लिए भारतीय सविंधान जागृति अभियान तथा विदर्भ राज्य विकास आघाड़ी के अध्यक्ष अनिल जवादे के नेतृत्व में डा़ बीआर आंबेडकर विद्यालय, कनिष्ठ महाविद्यालय के विद्यार्थी-पालक संघ ने जिलाधिकारी कार्यालय पर मोर्चा निकाला, जहां अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा गया़  गांधी प्रतिमा परिसर में विद्यार्थियों ने फ्लैक्स व स्लोगन दिखाकर प्रशासन का ध्यान खींचा़  मोर्चा में विद्यार्थी पालक संघ के अध्यक्ष किशोर मुटे, भारतीय संविधान जागृति अभियान तथा विदर्भ राज्य विकास आघाड़ी के पदाधिकारी गोरख भगत, महेश माकडे, दिनेश वाघ, गोपाल मांडवकर सहित अन्य शामिल हुए थे. 

    केंद्र के 3 कृषि कानून व महंगाई का किया विरोध

    सेंटर आफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीटू) की अगुवाई में विविध संगठनों ने केंद्र के तीन कृषि कानून, बढ़ती महंगाई का तीव्र विरोध जताते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया़  केंद्र सरकार के मजदूर व किसान विरोधी नीति के कारण किसान व मजदूरों की अवस्था गंभीर बन गई है़  लाकडाउन की आड़ में तीन नए कृषि कानून लाये गए़  इस कानून को देश की 500 से अधिक संगठनों ने विरोध जताया है़ दिल्ली में सात महीनों से किसानों का आंदोलन शुरू है़  साथ ही 44 मजदूर कानून रद्द कर चार श्रम संहिता लागू की है़ इससे मजदूरों की सामाजिक सुरक्षा खतरे में आ गई है़  खेती उत्पन्न खर्च अधिक 50 फीसदी मुनाफा, ऐसा गारंटी कानून किया जाए़  आंगनवाड़ी, आशा, शालेय आहार मजदूर इन योजना कर्मियों को स्थायी करें. बकाया मानधन शीघ्र अदा करें. मकान निर्माण मजदूरों का पंजीयन कर प्रतिमाह 1500 रु़ निर्वाह भत्ता दिया जाए़  उनके बच्चों को छात्रवृत्ति का लाभ दें, उन्हें मोफत राशन दे़  निर्माण कार्य मजदूर कल्याण योजना पर अमल करें. महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार पर अंकुश लगाए.  

    जिलाधिकारी को सौंपा विभिन्न मांगों का ज्ञापन 

    नया बिजली विधेयक रद्द करें. पेट्रोल-डीजल व गैस की दरवृध्दि का विरोध जताया़  शिक्षा क्षेत्र में निजीकरण रोका जाए़  सरकारी महिला अस्पताल का काम शीघ्र पूर्ण करें. गांव में शराबबंदी निर्णय पर कड़ाई से अमल करें. आदि विविध मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया़  आंदोलन का नेतृत्व नवादी मिला संगठन की प्रतीक्षा हाडके, दुर्गा काकडे, सीटू के भैय्या देशकर, अर्चना घुगरे, महाराष्ट्र राज्य किसान मजदूर यूनियन के पांडुरंग राऊत, संध्या संभे, अभा किसान सभा के देवेंद्र शिनगारे, जगन चांभारे ने किया़ बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल हुए थे. 

    संविधान बचाव, देश बचाओ के लगाए गए नारे

    देश के 11 मजदूर संगठनों के आह्वान पर क्रांति दिवस पर सार्वजनिक क्षेत्र में किये जा रहे निजीकरण का विरोध जताया गया़  केंद्रीय कामगार संगठन की संयुक्त कमेटी ने भारत बचाओ दिन मनाया गया़ आयटक वर्धा जिला की ओर से हुतात्माओं को अभिवादन कर डा़ बाबासाहब आंबेडकर प्रतिमा परिसर में धरना दिया़  केंद्र सरकार का निषेध जताते हुए संविधान बचाव, देश बचाओ के नारे लगाये गए़  देश को आत्मनिर्भर बनाने वाले रेलवे, बीमा, बैंक, डिफेन्स, कोल, पेट्रोलियम, स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग का निजीकरण करने का षड़यंत्र रचा गया़  केवल अमीरों को लाभ पहुंचाने केंद्र सरकार यह कर रही है़ विविध मांगों को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजा गया़  आंदोलन में मनोहर पचारे, वंदना कोलणकर, गुणवंत डकरे, मैना उईके, विजया पावडे, ज्ञानेश्वरी डंबारे, अलका भानसे, सुजाता भगत, विनायक नन्नोरे, ज्योत्स्ना राऊत, प्रतिभा वाघमारे, वंदना खोब्रागडे, वीणा पाटिल, रेखा तेलतुंबडे, अश्विनी महाकालकर, प्रमिला वानखेड़े, माया तितरे सहित सैकड़ों महिलाओं ने आंदोलन में हिस्सा लिया था.