nitin gadkari and ramdas tadas

    वर्धा. सिटी के बजाज चौक स्थित रेलवे ओवरब्रिज का काम ठंडे बस्ते में पड़ने से सांसद रामदास तडस ने फिर लोकसभा में प्रश्न उपस्थित किया. जिस पर केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने आरओबी के निर्माण में हो रही देरी को लेकर केंद्रीय सड़क, परिवहन व महामार्ग विभाग के महासंचालक की अध्यक्षता में समिति गठित कर दोषियों पर कार्रवाई करने की घोषणा की. शहर के बजाज चौक स्थित आरओबी का निर्माण 35 वर्ष पूर्व किया गया था. वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण आरओबी पर निरंतर ट्राफिक जाम की समस्या निर्माण होने के कारण इसके विस्तारीकरण की मांग उठ रही थी.

    केंद्रीय परिवहन मंत्री गडकरी के प्रयास से आचार्य विनोबा भावे रेलवे ओवरब्रिज के लिये 45 करोड़ की राशि मंजूर हुई थी. सभी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद अक्टूबर 2016 में आरओबी का काम शुरू हुआ था. विस्तारीकरण का काम नवंबर 2018 तक पूर्ण होना था. परंतु रेल विभाग में पुलिया निर्माण की डिजाइन को मंजूरी नहीं देने के कारण काम ठंडे बस्ते में चला गया था. रेल विभाग की सूचना के उपरांत बांधकाम विभाग ने नये से डिजाइन बनाकर रेलवे विभाग को भेजी थी. किंतु उसे भी मंजूरी देने में अनाकानी की थी.

    11 फरवरी को गूंजा था लोकसभा में प्रश्न

    रेलवे ओवर ब्रिज का काम अधर में लटकने तथा रेलवे विभाग के कारण डिजाइन को मंजूरी देने में अनाकानी के चलते सांसद रामदास तडस ने 11 फरवरी 2021 को लोकसभा में प्रश्न उपस्थित किया था. तब केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 6 माह के भीतर आरओबी का काम पूर्ण किया जायेगा. दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की घोषणा की थी. घोषणा के उपरांत रेलवे विभाग ने डिजाइन को मंजूरी प्रदान की. जिसके बाद नये डिजाइन के अनुसार पुल के गटर निर्माण शुरू हुआ. बीते 5 माह से पुल के गटर लाये गये हैं. मात्र पुल का निर्माण नहीं हो पाया है. 

    बांधकाम विभाग व रेलवे में समन्वय का अभाव

    आरओबी के निर्माण को लेकर रेलवे विभाग व सार्वजनिक बांधकाम विभाग में समन्वय का अभाव देखने मिल रहा है. सांसद तडस ने दोनों विभागों की बैठक लेकर जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिये थे. परंतु सांसद के सुझाव की ओर भी अनदेखी हुई थी. परिणामवश तडस ने लोकसभा में प्रश्न उपस्थित किया. तडस ने प्रश्नकाल के दौरान बीते दो वर्ष राज्य सरकार व्दारा निधि प्राप्त नहीं होने की जानकारी दी. आरओबी के निर्माण में हो रही देरी को संज्ञान में लेते हुए गडकरी ने जांच कराने के आदेश दिये. साथ ही केंद्रीय निधि से होनेवाले काम सांसद को विश्वास में लेकर करने के निर्देश दिये.