Account Holders Satyagraha

Loading

वर्धा. जिला सहकारी बैंक में 1 लाख 52 हजार खाताधारकों की पूंजी है़ बार-बार मांग करने पर भी उन्हें बकाया नहीं मिल रही़ गरीब व जरुरतमंदों की बकाया उचित नियोजन कर लौटाई जाये, इस मांग के लिये पूंजीधारकों ने सोमवार, 11 दिसंबर को जिला कोआपरेटीव बैंक परिसर में सत्याग्रह आंदोलन किया गया़ मांग का ज्ञापन जिलाधिकारी के जरिये उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भेजा गया़ सन 2012 से बैंक आर्थिक अडचण में आयी है़ तब से अब तक बैंक के पूंजीधारक अपनी राशि के लिये चक्कर काट रहे है़ं परंतु बैंक प्रशासन एवं सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा.

तत्कालीन जिलाधिकारी शैलेश नवाल के कार्यकाल में पूंजीधारकों के आवेदनों का विचार कर उनकी अटकी हुई पूंजी के दस प्रश राशि दे रहे थे़ पश्चात बैंक पर प्रशासक व प्राधिकृत अधिकारी के भत्ते निकालाना व कर्मियों का वेतन बढ़ाना, इसके अलावा कोई काम नहीं रखा़ पूंजीधारकों को केवल आश्वासन मिलने लगे़ जिला सहकारी बैंक को सरकारी मदद 166 करोड़ तथा होम ट्रेड की राशि 95 करोड़ मिली है.

आर्थिक वर्ष 31 मार्च 2020 को 93 करोड़ 32 लाख, आर्थिक वर्ष 31 मार्च 2021 को 8 करोड़ 37 लाख, सन 2022 में 4 करोड 82 लाख तथा शुरु आर्थिक वर्ष 2023 में 14 करोड़ 3 लाख बैंक को बैलेंस शीट के मुताबिक मुनाफा मिला है़ इन सभी बातों को सोचने पर बैंक जरुरतमंद पूंजीधारकों को उनकी राशि लौटा सकती है़ परंतु उन्हें परेशान किया जा रहा है. सोमवार को संतत्प पूंजीधारकों ने एकत्रित आते हुए बैंक के मुख्यालय परिसर में बैठा सत्याग्रह किया़ बैंक के सेवानिवृत्त अधिकारी प्रदीप शेटे की अगुवाई में किसान, खेतीहर मजदूर, शिक्षक, सेवानिवृत्त अधिकारी, कर्मचारी व बुजुर्ग नागरिक आंदोलन में शामिल हुए थे.

अब तक 115 करोड़ रुपये लौटाये

जिला सहकारी बैंक के पूंजीधारकों की राशि में से कुछ लोगों को 10 प्रश तो किसी को 50 प्रश राशि लौटाई गई है़ अब तक बैंक कने करीब 115 करोड़ रुपये पूंजीधारकों को देने की जानकारी है. 

340 करोड़ रु़  की आवश्यकता

जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक में पूंजीधारक, खातादार व अन्य ऐसे कुल 1 लाख 52 हजार ग्राहक है. उन्हें राशि लौटाने के लिये करीब 340 करोड़ रुपयो की आवश्यकता है, ऐसा बताया गया.

शीतसत्र में उठाया जाएंगा मुद्दा

जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के पूंजीधारकों की राशि उन्हें वापिस दिलाने के संदर्भ में प्रशासन की ओर टालमटोल की जा रही है़ इसके विरुध्द विधायक रणजीत कांबले विधिमंडल में मुद्दा उपस्थित करेंगे, ऐसी जानकारी है.