Subhash Desai

  • बेरोजगारों की उम्मीदों पर फिरा पानी

सिंदी रेलवे. 30 सितंबर को महाराष्ट्र के उद्योगमंत्री सुभाष देसाई ने मुंबई में आयोजित बैठक में वर्धा जिले में सिंदी ड्राईपोर्ट दिसंबर 2020 में शुरु करने की घोषणा की थी. जिसमें जेएनपीटी के उपस्थित अधिकारियों ने ड्राईपोर्ट निर्माण पुर्णत्व की ओर होने की बात बतायी थी. परंतु आज दिसंबर 2020 का आखरी दिन होकर भी ड्राईपोर्ट शुरु न हो सका. जिससे उद्योगमंत्री की घोषणा हवा-हवाई होकर बेरोजगारों की उम्मीदों पर भी पानी फिर गया है.

सिंदी रेलवे स्थित ड्राईपोर्ट शुरु होने से विदर्भ के विकास को गति मिलेगी, ऐसी बात मंत्री ने कही थी. 1 अक्टूबर को मुंबई के समाचार पन्नो में प्रकाशित इस खबर पर नवभारत ने प्रत्यक्ष ड्राईपोर्ट एरिया में जाकर मुआयना किया. उस वक्त प्रकाशित खबर में दिसंबर 2020 तक ड्राईपोर्ट शुरु होना संभव नही होने की बात बतायी थी, जो कि अब सच साबित हुई है. मंत्री की घोषणा के बाद ड्राईपोर्ट एरिया में कोई भी कार्य नही किया गया. दिसंबर माह से ड्राईपोर्ट शुरु होने की खबर से नगरवासी, किसान तथा बेरोजगारों में उम्मीद दिखायी दी थी. लेकिन मंत्री की घोषणा के बाद से तो मानो लगभग तीन माह से ड्राईपोर्ट का काम जस की तस पडा है. 

350 एकड में निर्माणाधीन ड्राईपोर्ट की स्थिति

वर्ष 1984 से किसानों से अधिग्रहित 500 एकड भूमि पर उद्योग निर्माण का दिखाया गया सपना शहरवासी सपना ही समझ रहे थे. शहरवासी इसे केवल इलेक्शन स्टंट समझकर चुनाव के लिए षडयंत्र मान रहे थे. परंतु वर्ष 2016 में नितीन गडकरी ने इस अधिग्रहित भूमि पर जवाहरलाल नेहरु पोर्ट ट्रस्ट द्वारा ड्राईपोर्ट निर्माण की घोषणा कर किसानों से अधिग्रहित भूमि का दूसरी बार मुआवजा देकर 350 एकड की भूमि कब्जे में ली. जहां सुरक्षा दीवार का निर्माण कर ड्राईपोर्ट निर्माण का फलक लगा दिया. 2 अक्टूबर 2018 को गांधी जयंती पर सेवाग्राम में मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस एवं केन्द्रीय मंत्री नितीन गडकरी ने डिजिटल भूमिपूजन कर दो वर्ष में ड्राईपोर्ट का निर्माणकार्य पूर्ण कर उसे शुरु करने का भरोसा दिया था.

इलेक्ट्रानिक डिजीटल बोर्ड पर ड्राईपोर्ट की फिल्म दिखाकर ड्राईपोर्ट का स्वरुप कैसा होगा, इसकी जानकारी दी. इस प्रोजेक्ट से विदर्भ के विकास को गति मिलने की बात भी कही थी. जेएनपीटी ने 350 एकड अधिग्रहित भूमि पर जल्द ही सिविल वर्क निर्माण, ड्राईपोर्ट सीमा में मार्ग निर्माण, शेड, गोदाम, कार्यालय आदी का शीघ्र निर्माण करने की बात कही थी. जिसमें केवल सुरक्षा दीवार व लगभग डेढ किमी रेल पटरी बिछाने का कार्य हुआ है.

परसोडी मार्ग को अधिग्रहित कर रेल पटरी को मुख्य रेल पथ से जोडने का काम शेष है. आज तक एक भी रोड का काम ड्राईपोर्ट में नही हुआ और ना ही कोई बिल्डींग शेड तथा इलेक्ट्रीक लाईट पोल लगे. केवल खेत जमीन ही नजर आती है. जहां मवेशी चराई के लिए भूमि का उपयोग हो रहा है.

जेएनपीटी ड्राईपोर्ट निर्माण को दें गति

जवाहरलाल नेहरु पोर्ट ट्रस्ट 350 एकड अधिग्रहित भूमि पर जल्द ही निर्माण कर शुरु करें, ताकी एक वर्ष में यह ड्राईपोर्ट शुरु हो सके. इसके लिए जेएनपीटी को ड्राईपोर्ट निर्माण को गति देनी चाहिए. ताकी बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध होकर विदर्भ का विकास हो. 

घोषणा ही रह गई मेट्रो कोच

सिंदी रेलवे मेट्रोकोच फैक्ट्री के निर्माण की घोषणा को एक वर्ष बित रहा है. लेकिन अभी तक कोच फैक्ट्री के निर्माण हेतु जगह आवंटित नही किये जाने से यह केवल घोषणा ही नजर आ रही है. इस क्षेत्र का दुर्भाग्य रहा है कि, घोषणा के बाद प्रोजेक्ट का ठंडे बस्ते में चले जाना आम बात लग रही है.