wardha upper dam
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    • लगातार बारिश से तटीय क्षेत्र में अलर्ट 
    • 4 उपविभागीय व 11 शाखा कार्यालय 
    • 85 कर्मियों के भरोसे चल रहा काम 
    • वर्ग 1 से 4 तक करीब 385 पद मंजूर  

    वर्धा. जिले में 11 बड़े व मध्यम प्रकल्प और 20 लघु प्रकल्प है़  लगातार हो रही बारिश के कारण सभी प्रकल्प लबालब भरे हुए है़ं  इसमें 10 मध्यम प्रकल्प ओवरफ्लो होकर बह रहे है़ं  इस स्थिति के चलते तटवर्तीय इलाके में अलर्ट जारी किया गया है. बावजूद इसके सभी 31 प्रकल्पों की सुरक्षा खतरे में बताई जा रही है़  एक भी प्रकल्प पर सुरक्षा रक्षक व जिम्मेदार कर्मचारी मौजूद नहीं रहता़  जलसंपदा विभाग में अल्प मानव संसाधन के कारण सुरक्षा रक्षकों का अभाव बताया जा रहा है़  उल्लेखनिय है कि जिले में औसत से अधिक बारिश होने से सभी प्रकल्प लबालब भरकर बह रहे है़ं  इससे नदी, नाले उफान पर है़ं  बड़े, मध्यम व लघु इन सभी प्रकल्पों की सुरक्षा की जिम्मेदारी जलसंपदा विभाग की है़ 

    जलसंपदा विभाग में बड़े पैमाने पर पद रिक्त

    उक्त विभागों के अंतर्गत चार उपविभागीय कार्यालय व 11 शाखा कार्यालय आते है़ं  वहीं विभाग में पिछले कुछ वर्षों से रिक्त पदों की भरमार है़  इस विभाग में वर्ग 1 से 4 तक करीब 385 पद मंजूर है़ परंतु वर्तमान में मात्र 85 कर्मियों के भरोसे इस विभाग का कामकाज चल रहा है़  करीब 250 पद रिक्त पड़े हुए है़  परिणामवश एक कर्मी को दो से तीन टेबल की जिम्मेदारी संभालनी होती है़  उल्लेखनिय यह कि जलसंपदा विभाग कें उपकार्यकारी अभियंता, उपविभागीय अभियंता, कनिष्ठ व शाखा अभियंता सहित सहायक अभियंता के 22 पद मंजूर है़  

    प्रकल्पों के लिए पर्याप्त स्टाफ का अभाव 

    परंतु वर्तमान में मात्र 9 अधिकारी कार्यरत है़  बल्कि 13 अभियंताओं के पद रिक्त पड़े होने से प्रकल्पों की सुरक्षा खतरे में आ गई है़  वर्ग 3 व 4 में के लिए करीब 219 पद मंजूर हैं, परंतु वर्तमान में मात्र 30 कर्मचारी ही कार्यरत है़, जबकि 189 पद रिक्त पड़े है़ं  सिपाही वर्ग के पद बड़ी संख्या में खाली होने के कारण प्रकल्पों पर पहरा देने के लिए कोई उपलब्ध नहीं रहता़  ऐसे में किसी भी प्रकार के अनहोनी की आशंका बनी हुई है़

    नाव हादसे के बाद भी नहीं ली जा रही सुध

    उल्लेखनिय है कि झुंज में घटे एक नाव हादसे में कारंजा तहसील के तारासावंगा के 5 लोगों की डूबने से मौत हो गई थी़  इस घटना के बाद भी स्थानीय जिला प्रशासन ने किसी प्रकार की सुध नहीं ली है़  बारिश के पानी से प्रकल्प लबालब भर गए है़, जहां पर्यटकों को आवागमन लगा रहता है़  कुछ उत्साही नागरिक पानी में प्रवेश करते हैं, तो कुछ बोटिंग का आनंद उठाते है़  परंतु उन्हें टोकने वाला कोई भी व्यक्ति यहां मौजूद नहीं रहता़ 

    स्टाफ की कमी से जलसंपदा विभाग मजबूर

    सभी छोटे, बड़े 31 प्रकल्पों पर सुरक्षा रक्षक तैनात नहीं रहते़  इस संबंध में जलसंपदा विभाग से जानकारी लेने पर पता चला कि मानव संसधान कम होने के कारण यहां चौबीस घंटे कर्मी तैनात रखना असंभव है़  किसी तरह आस्थापना कर्मियों के जरिए वाटर लेवल अथवा अन्य काम किये जा रहे है. निजी तौर पर सुरक्षा रक्षक नियुक्त नहीं किए जा सकते़  परिणामवश जिला प्रशासन ने स्वयं इस ओर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है़ 

    जिले के 10 प्रकल्पों में शतप्रतिशत जलसंग्रहण

    वर्तमान स्थिति में बोर डैम में 94.96 प्रश, निम्न वर्धा में 7.36 प्रश एवं धाम प्रकल्प, पोथरा, पंचधारा, डोंगरगांव, मदन प्रकल्प, लाल नाला, वर्धा कार नदी व सुकली लघु प्रकल्प शतप्रतिशत जलसंग्रहण हुआ है़  वहीं लघु प्रकल्प भी लबालब भर गए है़.