Pulgaon Railway Station, Central Railway, Wardha

  • पुलगांव के अनेक स्टॉपेज रद्द

पुलगांव. भारतीय रेल सेवा यह आम जनता के लिए बनाई गई अच्छी पहल थी. यात्रियों को अपने गंतव्य की जगह पर पहुंचाने में सफल सेवा में रेलवे को बहोत बडा योगदान रहा. लेकिन अब धीरे-धीरे भारतीय रेल सेवा से सेवा यह शब्द ही खो गया है. क्योकि हर जहग फिर वह चाहे टिकट हो या बोर्ड उसपर सिर्फ भारतीय रेल ही लिखा जा रहा है. ‘सेवा’ शब्द गायब हो गया है.

रेलवे को अब सिर्फ कमाई का दर्जा बना दिया गया है. पुलगांव शहर पर तो मानो ग्रहन ही लगा हुआ है. कोरोना वायरस के कारण किए गए लॉकडाऊन में सभी रेलवे बंद करा दी गई थी. तब यहा का भी स्टेशन पिछले आठ माह पहले से सिल कर दिया गया. तब सिर्फ मालगाडी का आवागमन होता था. धिरे-धिरे लाकडाऊन की स्थिति पर नियंत्रण कर रेलवे को शुरू किया गया. लेकिन शहर के साथ घोर अन्याय किया गया.

पुलगांव में पांच ट्रेनों का स्टॉपेज ही बंद कर डाला है. जिससे आवागमन करनेवालों को काफी परेशानी का सामना करना पड रहा है. जिसमें हावडा-मुंबई मेल, मुंबई-हावडा मेंल जो बरसों से पुलगांव में रुकती थी, वह अचानक बंद करने का कौनसा नियम है. मेल का ऑनलाइन टिकट मिलता है, लेकिन खिडकी पर मेल का टिकट नही मिलता. कहा जाता है कि, मेल का स्टॉपेज बंद हो गया. फिर ऑनलाइन टिकट क्यो निकल रहे है, यह समझ से परे है. उसी तरह अहमदाबाद-हावडा व हावडा-अहमदाबाद ट्रेन का भी स्टॉपेज बंद कर दिया गया है.

शहर के नागरिकों को दोपहर 12 बजे के बाद नागपुर या अमरावती जाने के लिए किसी प्रकार की रेलवे सुविधा नही है. जब कि इस शहर में सीएडी डिपो आयुध निर्माण कारखाना होने के कारण यहा के जवानों को आवागमन करना पडता है. दूसरी और कई विद्यार्थी शिक्षा लेने वर्धा या नागपुर जाते है. साथ ही नागरिक रोजगार के लिए वर्धा, नागपुर, धामणगांव में अपडाऊन करते है. लेकिन अब ट्रेनों का स्टॉपेज बंद होने के साथ नागरिकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड रहा है.

नवजीवन एक्सप्रेस का स्टॉपेज भी बंद

सांसद रामदास तडस जो कि रेलवे बोर्ड समिति के उच्च पद पर आसिम है, शहरवासियों की मांग कर नवजीवन एक्सप्रेस को पुलगांव में स्टॉपेज दिया था. एक साल तक सांसद तडस ने इस बात को लेकर वाहवाही बटौरी. लेकिन कोरोना का लॉकडाऊन खत्म होने के बाद जब रेलवे शुरु हुई तो नवजीवन का स्टॉपेज ही बंद किया गया. इन ट्रेनों का स्टॉपेज धामणगांव, वर्धा में कायम है. लेकिन पुलगांव के साथ अन्याय हो रहा है. इसके अलावा रेलवे ने किराया में भी वृद्धि की है. रिजवेशन के बगैर सफर नही कर सकते. एक दिन पहले ट्रेन का रिजर्वेशन कराना पडता है.