बोर रिजर्व में हो रहे टाइगर के दीदार, पर्यटकों की बढ़ती जा रही है संख्या

    वर्धा. नागपुर-वर्धा की सीमा पर बसे बोर व्याघ्र प्रकल्प में टाइगर के साथ अन्य वन्य प्राणियों के दीदार होने के कारण पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है. प्रतिदिन नागपुर व वर्धा के साथ अन्य जगह के पर्यटक जंगल सफारी का मजा ले रहे हैं. कोरोना संक्रमण के कारण बीते दो वर्ष से बोर टाइगर रिजर्व की जंगल सफारी पूरी तरह से प्रभावित हुई थी. संक्रमण कम होने तथा बारिश का मौसम जाने के बाद 15 अक्टूबर से जंगल सफारी के लिये खुला कर दिया गया है. शुरू में पर्यटकों की संख्या कम ही रही, परंतु दिवाली के बाद पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होती जा रही है. 

    2 हिस्सों में बंटे बोर अभयारण्य में 6 में बाघ

    बोर टाइगर रिजर्व दो हिस्सों में बटा हुआ है. एक क्षेत्र को पुराना तथा दूसरे को नया बोर कहा जाता है. जंगल में जाने के लिये दो गेट बनाये गये है. एक गेट हिंगणा-सेलू मार्ग पर स्थित अडेगांव में तथा दूसरा बोर बांध से गुजरकर है. यह गेट काफी पुराना है. जंगल क्षेत्र में कुल 6 टाइगर होने की जानकारी वन विभाग ने दी. शेर के साथ ही हिरन, भालू, मोर व वन्य प्राणियों की संख्या भी क्षेत्र में अधिक है. जंगल क्षेत्र में प्रवेश करने के लिये आनलाइन बुकिंग करनी पड़ती है. जगह रिक्त होने पर आफलाइन बुकिंग भी जाती है.

    जंगल में जाते ही होते हैं वन्यप्राणियों के दर्शन

    जंगल क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद हिरन, सांबर, मोर व अन्य प्राणियों के दर्शन होते हैं. बीते कुछ दिनों से पर्यटकों को प्रतिदिन टाइगर के दीदार हो रहे हैं, जिससे पर्यटकों की संख्या बढ़ती जा रही है. बोर रिजर्व देश का सबसे छोटा टाइगर रिजर्व होने के से यहां वन्य प्राणियों के दर्शन जल्द होते हैं.

    स्थानीय लोगों को मिल रहा है रोजगार

    जंगज सफारी पहले की तरह शुरू होने के कारण बोर टाइगर क्षेत्र में चहल-पहल बढ़ गई है, जिससे स्थानीय नागरिकों को रोजगार का अवसर प्राप्त हुआ है. होटल के साथ ही जिप्सी व अन्य व्यवसाय करने वालों में खुशी का माहौल बना हुआ है. 

    वर्तमान में जंगल सफारी की बुकिंग फुल 

    बीते दो वर्षों से कोरोना के कारण जंगल सफारी पर काफी असर हुआ था. परंतु अब स्थिति सामान्य होने के कारण पर्यटक जंगल सफारी का मजा उठा पा रहे हैं. वर्तमान में सुबह तथा शाम की जंगल सफारी फुल चल रही है. पर्यटकों को शेर का दीदार होने के कारण पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है.

    -नीलेश गावंडे, आरएफओ-बोर टाइगर रिजर्व.