पैनगंगा नदी पर बिजली सबस्टेशन के लिए 15 करोड़ रू. की आवश्यकता

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  • 2 कार्य प्रलंबित, 10 सबस्टेशन के कार्य पूरे

वाशिम. 700 करोड़ रुपयों से अधिक निधि की लागत से पैनगंगा नदी पर 11 स्थानों पर बैरेजेस निर्माण किए गए़  यह कार्य वर्ष 2017 में पूर्ण हुआ़  लेकिन 12 में से 2 सबस्टेशन के कार्य अभी भी प्रलंबित है़  इसके अलावा हिंगोली जिले के सेनगांव में रहनेवाले 132 के. वी. पावर हाऊस से बिजली सप्लाई लेने के लिए बिजली कनेक्शन की समस्या भी रुक गई है़  यह कार्य पूर्ण करने के लिए कम से कम 15 करोड़ रुपयों की निधि की आवश्यकता है. सरकार स्तर से यह निधि प्राप्त होने की प्रतीक्षा की जा रही है़.

वाशिम- हिंगोली इन 2 जिलों की सीमा से बहनेवाले पैनगंगा नदी का पानी सिंचाई के लिए उपयोग में लाया जाए. बारिश का पानी नदी से बहकर जाने की बजाए उसे रोका जाए़  इसके लिए 700 करोड़ रुपयों से अधिक निधि खर्च करके आडगांव, कोकलगांव, गणेशपुर, सोनगव्हाण, टनका, ढिल्ली, राजगांव, वरुड, जुमडा, जयपुर और उकली आदि 11 स्थानों पर बैरेजेस लगाए गए़  इस में इस बार वापसी की बारिश का पानी रोकना संभव हुआ है़.

इस दौरान मोटरपंप से नदीपात्र से पानी लेने के लिए बिजली सप्लाई की आवश्यकता रहेगी़  इसके लिए 12 बिजल सबस्टेशन शुरू करने के लिए सरकार ने मंजूरी देकर निधि उपलब्ध कराया है़  नवंबर आखिर में 10 सबस्टेशन के कार्य पूरे हुए है. लेकिन राजगांव व अन्य एक के 2 बिजली सबस्टेशन के लिए व हिंगोली से मुख्य बिजली सप्लाई लेने के लिए आवश्यक 15 करोड़ रुपए की निधि प्राप्त न होने से यह कार्य प्रलंबित है़  राजगांव व अन्य गांव के सबस्टेशन के कार्य प्रलंबित होने से नदी के पानी का अपेक्षित रुप से लाभ नही हुआ है़  जिससे किसानों से इस के संबंध में नाराजगी व्यक्त की जा रही है़.

इस संदर्भ में महावितरण ने बताया कि प्रलंबित सबस्टेशन के कार्य पूरे करने के लिए व सेनगाव जि हिंगोली के 132 के.वी. पावर हाऊस से मुख्य लाइन डालने का कार्य 17 किलोमिटर तक पूरा हुआ है़  तथा 5 किलोमिटर का कार्य अधुरा है़  इसके लिए आवश्यक निधि की मांग का प्रस्ताव सरकार की ओर भेजा गया है़  निधि मंजूर होते ही अन्य सबस्टेशन के अनुसार प्रलंबित कार्य पूरे किए जाएंगे. साथ में मुख्य बिजली लाइन डालने का कार्य भी शीघ्र किया जाएगा़.