Vegetable shops in bus stand, appeal to follow rules
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    वाशिम. स्थानीय गुरुवार बाजार स्थित सब्जी मार्केट हाउस अब अंतिम सांसे ले रहा है़  इस की हालत अत्यंत दयनीय हो गई है़  इस की एक बाजू की दीवार पहले गिर गई है. तो अब गिरने के कगार पर पहुंच गई है. 

    करीब 72 वर्ष पूर्व शहर के तत्कालीन मुख्य रोड पर गुरुवार बाजार में सब्जियां बेचनेवालो के लिए एक सब्जी मार्केट हाउस का निर्माण किया गया था़  इसी स्थान पर प्रत्येक गुरुवार को बाजार हाट लगता था. तो गुरुवार छोड़कर अन्य दिनों में सभी सब्जी विक्रेता को बैठने के लिए यह सब्जी मार्केट हाउस बनाया गया था़  इसमें सब्जियां बेचने वाले विक्रेता के लिए अलग अलग छोटे छोटे गाले बनाए गए थे़.

    इस हाउस में बैठने वालों को धूप, बारिश से सुरक्षा रहती थी़  यहां पर शहर के दंडे चौक, शुक्रवार पेठ, माहुरवेस, देवपेठ, बालु चौक, गणेश पेठ, नंदी पेठ, बागवान पुरा व अन्य स्थानों से अधिक तर लोग प्रतिदिन ही यहां पर सब्जियां खरीदी के लिए आते थे. पिछले कुछ वर्षों से इस की हालत खराब होती जा रही है़.

    इस सब्जी मार्केट हाउस की एक बाजू की दीवार भी गिर गई चुकी है़  तो अंदर से गिरना शुरू हो गया है़  जिससे अब इस हाउस में बैठना खतरे लायक होने से यहां पर सब्जी विक्रेता नहीं बैठते है़  यहां पर केवल एक विक्रेता बैठता है तो अन्य सब्जी विक्रेता इस हाउन के बाहर बैठकर सब्जियां बिक्री करते है़.

    नप की उदासीनता के कारण इस मार्केट हाउस की हालत खस्ता हो गई है़  इस सब्जी हाउस में उस समय 18 सब्जी विक्रेताओं के लिए 18 गाले बनाए गए थे़  जबकि उस समय प्रत्येक गाले के लिए एक साल के लिए 18 रुपयों का टैक्स नप को देना पड़ता था़  जबकि अब बाहर बैठने वालों को बैठक के प्रत्येक दूकान को 20 रुपए प्रतिदिन देना पड़ता है़  इसलिए नगर परिषद के इस पुराने वास्तु को फिर से नए रुप से निर्माण करने की आवश्यकता बतायी जा रही है़ 

    चिमन्या बाजार के नाम पर प्रसिध्द था गुरुवार बाजार 

    पिछले अनेक वर्षो से शहर में दो बाजार लगते है़  तो पिछले कुछ वर्षों से शहर में एक साप्ताहिक बाजार हाट बढ़कर तीन बाजार लगने लगे है़  इसमें एक मुख्य बाजार स्थानीय पाटणी चौक परिसर में प्रत्येक रविवार को रविवार बाजार के नाम से तो दूसरा मुख्य बाजार रविवार को ही यहां के कृषि उपज बाजार समिति के यार्ड में व तीसरा शहर के बीच में गुरुवार बाजार में छोटा बाजार गुरुवार को लगता है़ गुरुवार बाजार में लगनेवाले इस बाजार को चिमन्या बाजार कहा जाता था़.

    इस बाजार में गुरुवार परिसर के अधिक तर महिला ही सब्जियां तथा अन्य वस्तु खरीदी करती थी़  कालांतरण से शहर की जनसंख्या बढ़ने के साथ ही इस चिमन्या बाजार का भी बड़ा विस्तार हो गया व अब यहीं बाजार इसी स्थान पर बड़े स्वरुप में लगना शुरू होकर सड़कों पर भी लगना शुरू हो गया है़.

    लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण कुछ महीनों से यह साप्ताहिक गुरुवार बाजार बंद रहने से यहां पर आनेवाले खदीददारों की चहल पहल भी कम हो गई है़  इस दौरान यहां पर लगनेवाला गुरुवार का साप्ताहिक बाजार के कुछ सब्जी व अन्य वस्तु विक्रेता प्रत्येक गुरुवार को पुरानी नगर परिषद के पास के नप से दिघेवाडी रोड पर के किनारों पर बैठ कर व्यवसाय कर रहे है. 

    शीघ्र ही होगा हाउस का पूर्ननिर्माण – नगराध्यक्ष अशोक हेडा 

    करीब 72 वर्ष पुराने इस सब्जी हाउस का निर्माण कार्य अब फिर से शुरू होनेवाला है़  इस संबंधि नगराध्यक्ष अशोक हेडा ने बताया कि सब्जी विक्रेता के लिए इसी पुराने हाउस के जगह पर नए से सब्जी मार्केट हाउस निर्माण किया जाएगा. इस के लिए टेंडर भी निकाले गए है़  जिससे अब यहां पर सुंदर सब्जी बिक्री हाउस होने से इस परिसर में फिर से रौनक बनी रहेगी़.