Mahrashtra HSC Result 2020

  • राष्ट्रीय परिवार की रिपोर्ट

वाशिम. जिले में पिछले वर्षों से लड़कियों के जन्म दर में कुछ वृध्दि हो रही है़  वर्ष 2015-16 में यह दर 1,000 लड़कों के पीछे 903 लड़कियां थी, जबकि अभि वर्ष 2019-20 में लड़कियों का दर 920 हो गया है़  घर के बाहर न रहनेवाली यह महिलाएं अब घर संवारते हुए घर के बाहर आकर प्रगति की़  आज की स्थिति में एक भी ऐसा क्षेत्र नही है, जहां पर महिलाओं ने प्रगति नही की होगी.

पालकों को इस का अभिमान भी रहता है़  लेकिन फीर भी महिलाओं की गर्भ में कन्या भ्रून रहने पर वह कन्या भ्रून नष्ट करने के लिए कम अधिक प्रयास होते रहते है़  इस पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने कड़े कानून, नियम बनाकर विविध उपक्रम हाथ में लिए है़.  कन्या भ्रून हत्या टाले, लड़कियों का जन्म दर बढ़ाने के संदर्भ में जन्मजागृति की जा रही है़  बेटी बचाओ, बेटी पढाओ, इस अभियान में जिले का समावेश है़  इस अभियान के तहत विविध उपक्रम चलाएं जा रहे है़.

इस के साथ ही स्वास्थ्य व जिला प्रशासन की ओर से भी जागरुकता की जा रही है़  इस के अच्छे परिनाम भी सामने आ रहे है़  वर्ष 2015-16 की तुलना में वर्ष 2019-20 में 1,000 लड़कों के पीछे 17 लड़कियों की वृध्दि हो गई है़  एक ओर महिलाओं पर अन्याय बढ़ रहे है़  तो दूसरी ओर कन्या जन्म की संख्या भी बढ़ रही है़  जिसका संतोषजनक चित्र सामने आ रहा है़  वर्ष 2011 तक लिंग गुणोत्तर के आंकड़े देखे जाए तो जिला डेंजर जोन में था़.

 लेकिन वर्ष 2019 में लिंग गुणोत्तर का प्रमाण प्रत्येक 1,000 लड़कों के पीछे 890 था़ लेकिन वर्ष 2019 के बाद जिला प्रशासन व जिला सामान्य अस्पताल के जनजागृ़ति के कारण महिला पुरुषों के लिंगगुणोत्तर बढ़ रहा है़  लेकिन अभी भी लिंग गुणोत्तर के प्रमाण में तफावत अपेक्षित रुप से कम नही हुई है. इस दौरान जिला सामान्य अस्पताल, उप जिला अस्पताल, ग्रामीण अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर लड़को को विविध प्रकार के टीकाकरण किया जाता है़  बालक स्वस्थ होने की द़ृष्टि से नि:शुल्क टीकाकरण किया जा रहा है. इस का लाभ लेने का आहवान स्वास्थ्य विभाग ने किया है़ 

इस के संबंध में जिला शल्य चिकित्सक डा. मधुकर राठोड ने बताया कि वर्ष 2019-20 में प्रत्येक 1,000 लड़कों के पीछे जिले में 920 लड़कियों का प्रमाण होकर चालु वर्ष में अक्टूबर महीने तक यह प्रमाण 943 तक पहुंचा है़  लिंग गणोत्तर के प्रमाण की तफावत दूर करके महिला जन्म दर बढ़ाने के लिए जिले में जागरुकता की जाती है़