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    • राहगीर परेशान

    आसेगांव. आधा किलोमीटर कच्चे मार्ग निर्माण की मंजूरी मिली है. लेकिन काम कछुआ गति से शुरू है. जिससे राहगीर काफी परेशान हो गए है. दो वर्ष पूर्व में हुए फोरलेन मार्ग के कार्य में वन विभाग सीमा क्षेत्र का आधा किलोमीटर का मार्ग वन विभाग के इंटरफेअर के कारण कच्ची अवस्था में छोड़ा गया था. उक्त उखड़ी हुई सड़क के कारण गत वर्ष अनेकों सड़क दुर्घटनाएं हुई.

    किंतु अब इसे निर्माण हेतु मंजूरी मिल जाने से कार्य शुरू हुआ. लेकिन कार्य कछुआ गति से शुरू रहने के कारणवश राहगीरो व वाहन चालकों की समस्या जस की तस बनी हुई है. उक्त कार्य को तत्काल पूरा किए जाने की मांग जोर पकड़ने लगी है. 

    वाशिम, अमरावती मार्ग बीते दो वर्ष पूर्व में फोरलेन मार्ग के रूप में रूपांतरण किया गया. किंतु 150 किलोमीटर के मार्ग निर्माण में आधा किलोमीटर का मार्ग वाहनों व राहगीरो के लिए बीते दो वर्षो तक परेशानी का सबब रहा. मंगरुलपीर तहसील व आसेगांव पुलिस थाना सीमा क्षेत्र के ग्राम दस्तापुर मसोला खुर्द के बीच का कुछ हिस्सा वन विभाग सीमा क्षेत्र में रहने से कार्य रुक गया था. लेकिन यही मार्ग सड़क दुर्घटनाओं के लिए हॉट स्पॉट वाला मार्ग साबित हुआ.

    दो वर्षो में उक्त मार्ग पर 80 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं घटी. जिसमें तीन से अधिक लोगों की जान गई. और 60 से अधिक लोग घायल हुए. लेकिन मार्ग निर्माण में फिर बाधा बनी रही. बीते माह में ही उक्त आधा किलोमीटर के उखड़े हुए मार्ग को निर्माण किए जाने की मंजूरी संबंधित निर्माण कंपनी को मिली. जिस के बाद कार्य शुरू हुआ लेकिन कार्य कछुआ गति से शुरू रहने के कारण राहगीरों व वाहन चालकों में नाराजगी देखी जा रही है. मार्ग का निर्माण जलद गति से किए जाने की मांग राहगीरो समेत वाहन चालक करने लगे है. 

    संबंधित सड़क निर्माण कंपनी का यह है कहना 

    संबंधित सड़क निर्माण कंपनी के द्वारा धीमी गति से कार्य शुरू रहने के कारण सामान्य लोगों को परेशानी सहन करने की नौबत पेश आने के संबंधी सवाल पूछा गया तो आगामी 15 दिनों के भीतर कच्चे मार्ग का निर्माण किए जाने की जानकारी कंपनी के ऑपरेटर द्वारा दी गई.

    मार्ग निर्माण में देरी बनी परेशानी 

    पूर्व में कच्चे मार्ग निर्माण की अनुमति नहीं मिल पाने से कोई आस मार्ग को लेकर नहीं थी. किंतु अब मार्ग निर्माण की मंजूरी मिलने व कार्य शुरू होने से आशा बढ़ गई. किंतु धीमी गति से मार्ग का कार्य शुरू रहना अब भी परेशानी का सबब ही बना हुआ है. – अनसार शाह, वाहन चालक, आसेगांव.