Congress needs a full-time president: Shiv Sena
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    • किरण गिर्हे का आरोप

    वाशिम. काँग्रेस के राज्यसभा सांसद राजीव सातव के निधन के बाद रिक्त हुए सीट पर उनकी पत्नी प्रज्ञा सातव को उम्मीदवारी देने से इन्कार करके रजनी पाटिल को उम्मीदवारी देने से कांग्रेस ने राज्य के ओबीसी समाज का विश्वासघात करने का आरोप अ. भा. माली महासंघ की महिला राष्ट्रीय अध्यक्षा तथा वंचित बहुजन आघाड़ी की प्रदेश सदस्या किरण गिर्हे ने पत्र परिषद में किया है़  इस अवसर पर डा. सिध्दार्थ देवले, वंचित के जिला सचिव सोनाजी इंगले समेत माली कर्मचारी सेवा मंडल के पदधिकारी उपस्थित थे. 

    उन्होंने कहा कि काँग्रेस के राज्यसभा सांसद राजीव सातव के निधन के बाद रिक्त हुए सीट पर उनकी पत्नी प्रज्ञा सातव को उम्मीदवारी मिलने की आशा ओबीसी समाज से व्यक्त की जा रही थी. लेकिन काँग्रेस की ओर से राजीव सातव के पत्नी को उम्मीदवारी नहीं देते हुए रजनी पाटिल को उम्मीदवारी दी है.

    प्रज्ञा सातव को उम्मीदवारी नहीं मिलना इस के लिए राज्य के प्रस्थापित काँग्रेस नेताओं ने दिल्ली में लॉबिंग की और रजनी पाटिल को तिकिट देने के लिए प्रवृत्त किया़  स्वयं को ओबीसी नेता कहने वाले प्रदेशाध्यक्ष नाना पटोले अथवा छगन भुजबल जैसे ओबीसी नेता भी ओबीसी नेता के निधन से रिक्त सीट पर ओबीसी उम्मीदवारी देने के लिए कम पड़े. महाराष्ट्र के माली समाज के विविध संस्था, संगठन की ओर से इस बात का जाहीर निषेध किया.

    अ. भा. माली महासंघ तथा वंचित बहुजन आघाड़ी की ओर से माली समाज के इस भूमिका का समर्थन किया़  एखादे नेता के निधन से रिक्त हुए सीट पर उनके परिवार के व्यक्ति को उम्मीदवारी देने के प्रथा मुलता कांग्रेस में है़  लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ़ सांसद राजीव सातव को महाराष्ट्र में काँग्रेस सत्ता में रहते समय भी उनको योग्य उपचार देकर बचाया नहीं जा सका़  काँग्रेस के पास रहनेवाली यंत्रणा का उपयोग उनके राजीव सातव की जान बचाना चाहिए था. लेकिन पुणे में उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हुई. 

    एक बाजू में काँग्रेस, राष्ट्रवादी काँग्रेस, शिवसेना और भाजपा इन चारों पक्ष ने मिलकर ओबीसी आरक्षण पर अनदेखी करने का आरोप भी गिर्हे ने किया़  उधर सभी दल ओबीसी के कैवारी रहने का स्वयं को बता रहे है.

    ओबीसी को नेतृत्व देने का बता रहे है़  लेकिन प्रत्यक्ष में ओबीसी सांसद के मृत्यु से रिक्त हुए सीट पर ओबीसी उम्मीदवार को उम्मीदवारी देने से इन्कार करते हुए पूर्व की सांसद, महिला आर्थिक विकास महामंडल के अध्यक्ष पद, केंद्रीय समाज कल्याण मंडल पर सदस्यत्व रहनेवाले व अब विधान परिषद की प्रतीक्षा में रहनेवाली रजनी पाटिल को राज्यसभा की उम्मीदवारी देने का प्रयास कांग्रेस ने किया है़  ओबीसी समाज ने काँग्रेस का यह खेल पहचान कर और समय पर ही सावधान रहने का आहवान गिर्हे ने किया है़.