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    वाशिम. कोरोना संक्रमण के शुरुआत में जिले में कोरोना महामारी की भयावह स्थिति निर्माण हो गई थी़  अप्रैल, मई महीने ने कोरोना संक्रमितों में व कोरोना से मृत्यु होनेवालों की संख्या में लगातार वृध्दि होकर कोरोना संकट ने आतंक मचा दिया था़  इस दौरान प्रशासन व्दारा तेज गति से चलाई गई.

    वैक्सीनेशन मुहिम व अन्य उपाय योजना चलाने के भारी प्रयास व नागरिकों ने नियमों का पालन करने से जून महीने में कोरोना बीमारी पर काफी मात्रा में नियंत्रण पाया गया़  परिनाम तहा गुरुवार को जिले में कोरोना के 7 पाजिटिव पाए गए़  शहर में 3 पाजिटिव पाए जाकर मानोरा व रिसोड शहर व तहसील में एक भी पाजिटिव नही मिला है़  जिससे अब जिला कोरोना मुक्ति के करीब पहुंच गया है़  

    इस दौरान जिले में अब तक कुल 41,315 संक्रमित पाए गए है़  तो इनमें से 40,415 लोग स्वस्थ हो चुके है़  तो वर्तमान में 284 पर उपचार चल रहा है़  इस में अभी तक 615 लोगों की मृत्यु हो गई है़  मृत्यु होनेवालों में कुछ लोगों को ब्लडशुगर, बीपी जैसी बीमारी पहले से ही थी़  इन दिनों जिले में नए कोरोना संक्रमितों की संख्या में भारी कमी आ रही है़  तो विगत तीन दिनो में एक भी मृत्यु नही हुई है़ जिससे अब जिला कोरोना मुक्ति की राह पर पहुंच गया है़ 

    खतरा अभी टला नही, सावधानी जरूरी 

    शहर समेत जिले भर में कोरोना संक्रमितों में कमी आने से अनलाक के तहत पाबंदियों से राहत मिली है़  इस में कोरोना प्रतिबंधक की कार्रवाई भी नही हो रही है़  जिससे लोगों में कोरोना का डर गायब होकर कोरोना के नियमों की धज्जियां उड़ रही है़  सड़कों पर बिना मास्क लगाए लोग घुम रहे है़  तो बाजारो में भीड़ बढ़कर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नही हो रहा है़  लोग खुले आम बगैर मास्क के घुमने लगे है़  लोग समझने लगे है कि कोरोना खत्म हो गया है़.

    लेकिन सच तो यह है कि कोरोना कम जरूर हुआ है़  लेकिन खतरा अभी टला नही है़  इसलिए कोरोना प्रतिबंधक नियमों का कड़ाई से पालन करने का प्रशासन व्दारा बार बार आहवान किया जा रहा है़  जिसे लोग अनदेखा करके कोरोना की तीसरी लहर को एक प्रकार से आमंत्रित ही कर रहे है. ‌जिले में अनलाक के बाद बाजारों में आवाजावी बढ़ गई है़  इस से भी खतरा बढ़ने की संभावना जताई जा रही है़  देश व राज्य भर में कोराना की दूसरी लहर से कहर बरताया था़.

    जिले में भी भयावह स्थिति निर्माण हो गई थी़  सैंकड़ों नागरिको ने इस महामारी में अपनी जान गवाई़  मई महीने में तो हड़कंप मच गया था़  प्रतिदिन ही किसी ना किसी की मौत तो सैंकड़ों संक्रमित पाए जाने लगे थे़  कोविड अस्पताल फुल हो गए थे़  लेकिन बाद में इस में कमी आकर अब जून महीने के अंतिम सप्ताह में जिले में कोरोना महामारी काफी प्रमाण में नियंत्रण में आकर संक्रमितों की संख्या घट गयी है़  जिससे जिला कोरोना मुक्ति के राह पर पहुंच गया है़.