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    • कृषि क्षेत्र के कार्य का राज्य में अनुकरण 

    वाशिम. जिले का पिछड़ापन दूर करने के लिए सरकार की विविध योजना, अभियान व उपक्रम का कार्यान्वयन करने से विकास को गति मिली है़. अकोला जिले का विभाजन कर 1 जुलाई 1998 में वाशिम जिले की निर्मिति की गई़  जिले के पिछड़ेपन को देखते हुए प्रशासन से काम किया जा रहा है. जिला नियोजन समिति के माध्यम से विकास कार्यो के लिए निधि उपलब्ध कराया जा रहा है.

    जिले में मुख्य व्यवसाय कृषि है. जिले में बड़े सिंचाई प्रकल्प और बड़ी नदियां नहीं रहने से सिंचाई क्षेत्र कम है. तो बारिश भी कम है़. पालकमंत्री शंभूराज देसाई ने सिंचाई क्षेत्र में वृध्दि करने का निर्णय लिया है. जिप के लघु सिंचाई विभाग के 54 पाझर तालाब का संग्रहन तालाब में परिवर्तन करने का कार्य हाथ में लिया गया है़  इन कार्य से 2,182 हेक्टेयर जमीन इस वर्ष सिंचाई के नीचे आएगी़  

    जिले में मुख्य फसल सोयाबीन है. यह बारिश के पानी पर निर्भर है. सोयाबीन फसल का उत्पादन बढ़ाने के लिए पिछले 2 से 3 वर्षो से अष्टसूत्री का उपयोग किया जा रहा है़  सोयाबीन की औसतन उत्पादकता प्रति हेक्टेयर 13 क्विंटल 4 किलो से 16 क्विंटल 41 किलो हुई है. 3 लाख 87 हजार 288 मेट्रीक टन उत्पादन से सोयाबीन उत्पादन अब 4 लाख 92 हजार 300 मेट्रीक टन तक पहुंचा है. यह व़ृध्दि 27.11 प्रश है़  किसानों के आय में 414 करोड़ 79 लाख रुपयों की वृध्दि हो गई है़  

    पालकमंत्री शंभूराज देसाई ने राज्य का पहला दिवंगत बालासाहब ठाकरे बहुउद्देशीय कृषि संकुल वाशिम में निर्माण करने का निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे के हाथों इस संकुल का ई-भूमिपूजन किया गया था. अगस्त 2022 तक यह पूर्ण होगा. 4 एकड़ जगह पर 5 करोड़ 44 लाख रुपयों की लागत से यह कार्य पूर्णत्व की ओर आया है़  इस के माध्यम से किसानों को विविध सुविधा होगी़  बीज प्रक्रिया करने के लिए राज्य में वाशिम अव्वल स्थान पर है़  किसानों ने बीज की अंकुरण क्षमता जांचकर इस वर्ष 70 प्रश घर का ही बीज का उपयोग करने से करीब 60 करोड़ रुपए निविष्ठा के खर्च में बचत हुई है. वाशिम जिले का अनुकरण राज्य के अन्य जिलों ने करने के निर्देश कृषि विभाग के प्रधान सचिव ने दिए है़  

    सिंचाई व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री सौर कृषि पंप योजना अंतर्गत 5,962 किसानों को सौर कृषि पंप कनेक्शन दिया गया है़  जमीन मापन के प्रलंबित प्रकरण निर्णायीत करने के लिए जिला खनिज प्रतिष्ठान निधि से 1 करोड़ 20 लाख रुपए निधि उपलब्ध कराया है. अगस्त 2022 तक जिले के जमीन मापन की सभी कार्य निर्णायीत किए जाने से वाशिम जिला यह राज्य में एकमात्र जिला ठहरनेवाला है. जिले में 321 किलोमीटर के 207 कार्य को सरकार की मंजूरी प्राप्त हुई है़  73 कार्य का कार्यारंभ आदेश दिया जाकर 28 कार्य शुरू है. स्वास्थ सुविधा के लिए जिला नियोजन समिति से पिछले दो वर्ष में 36 करोड़ रुपए निधि उपलब्ध कराया है़  

    जिले के विकास की दृष्टि से जिला नियोजन समिति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. सन 2020-21 इस वर्ष में 170 करोड़, सन 2021-22 इस वर्ष में 185 करोड़ और सन 2022-23 इस चालू वर्ष में 204 करोड़ रुपयों का प्रावधान जिला वार्षिक सर्वसाधारण योजना में किया गया है. पिछले तीन वर्ष का विचार करने पर पालकमंत्री ही वित्त व नियोजन राज्यमंत्री रहने से जिले का पिछड़ापन को देखते हुए उन्होंने जिला नियोजन समिति के निधि में बड़े प्रमाण में बढ़ाकर जिले के विकास को गति दी है़