A cache of liquor was found in Pimpri-Chinchwad, 2,200 liters of country liquor found in the basement

    आसेगांव. अति दुर्गम क्षेत्र के नाम से प्रसिद्धि प्राप्त आसेगांव समेत थाना क्षेत्र के विविध ग्रामों में लोग गरीबी रेखा के नीचे आते है. कामकाज कर दो वक्त की रोटी का जुगाड़ लगाना भी इस क्षेत्र के अनेक परिवार के लिए मुश्किल साबित होता है. लेकिन ऐसे गरीब तबके के लोग इन दिनों विविध प्रकार के सेवन करने की ओर अपने कदम बढ़ाए हुए नजर आने लगे है. 

    इस क्षेत्र में शराब व्यवसाय संचालित कर शराब बेचने का व्यवसाय बेझिझक शुरू है. इस के अलावा गांजा बिक्री व गांजा सेवन करने वालों की तादाद भी बीते कुछ माह में इस क्षेत्र में बढ़ गई है. जिस का सीधा परिणाम गरीब परिवारों के जीवनयापन पर पड़ने लगा है. लेकिन सबसे बड़ी चौकाने वाली बात तो यह भी है कि शराब बेचने वालों पर पुलिस प्रशासन द्वारा कार्रवाई किए जाने के बावजूद भी शराब बेचने वालों के हौसले बुलंद है.

    न्यायालय से जमानत प्राप्ति के बाद फिर से उक्त व्यवसाय करने वाले व्यवसाय का जुगाड़ करने की होड़ में लग जाते है. जबकि शराब सेवन, गांजा सेवन करने वालों की भर मार रहने से आए दिन किसी ना किसी गांव में विवाद होने की खबरें सामने आती रहती है. 

    ग्रामीण परिसर में इन दिनों देशी शराब व विदेशी शराब बिक्री का चलन बड़ी मात्रा में बढ़ गया है. जिस कारण शराब सेवन करने वालों की तादाद भी बढ़ने लगी है. जिस वजह से अनेक परिवार बर्बादी की कगार पर पहुंच गए है. अनेक परिवारों में तो ऐसी स्थिति निर्माण हो गई है कि अनेक महिलाओं ने पति की शराब लत के कारण पति के घर को छोड़ने का निर्णय तक लेने की ओर कदम बढ़ाने का निर्णय लिया है.

    इस के अलावा गांजा बिक्री करने वाले भी अब गांव क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाते हुए एक्टिव बनते जा रहे है. ग्रामीण क्षेत्र से शराब बिक्री, गांजा बिक्री का स्तर कम करने के उद्देश्य से कार्रवाइयों का ग्राफ बढ़ाने के साथ ही इस के सेवन से होने वाले नुकसान के संदर्भ में मार्गदर्शन स्वरूप जानकारी हर गांव में देने की आवश्यकता है. तभी इस पर अंकुश लगेगा और बर्बादी की दहलीज पर खड़े परिवार सुख रूप तरीके से जीवन जीने की ओर कदम बढ़ा पाएंगे.

    जबकि पुलिस प्रशासन अपने तरीके से कार्रवाइयों को अंजाम देकर इन व्यवसाय पर अंकुश लगाने की हर संभव प्रयास करने में जुटी है. लेकिन शराब बिक्री की कार्रवाई में सजा का विशेष प्रावधान ना रहने से कोर्ट से जमानत प्राप्त कर व्यवसाय करने वाले फिर से इस व्यवसाय में एक्टिव होने लग जाते है.