maharashtra-school-starting-on-15-june-minister-varsha-gaikwad-announcement-on-school
File

    वाशिम. जिले में 29 जून को शाला की घंटी बजनेवाली है. अनेक शाला में पहले दिन पर ही शाला प्रवेश उत्सव मनाया जानेवाला है़  इस के पूर्व सभी शाला परिसर के 6 से 14 वर्ष आयुगुटों के प्रवेश पात्र व शालाबाह्य छात्रों की खोज लेने के निर्देश भी दिए जाने से अब इस के लिए युध्दस्तर पर शालाबाह्य छात्रों की खोज शुरू हो गई है़  

    पिछले 2 वर्षो के कोविड 19 की परिस्थिति के कारण छात्रों का स्कूल में नियमित आना बंद रहने से छात्रों में स्कूल की आस्था निर्माण होने के लिए शाला प्रवेश उत्सव मनाने के निर्देश भी शालेय शिक्षा विभाग ने दिए है़  इसके पूर्व सभी शाला परिसर के 6 से 14 वर्ष आयुगुटों के सभी बच्चों के स्कूल में प्रवेश होने की निश्चित करना पड़ने वाली है़  इसके अलावा शालाबाह्य बच्चों की खोज करके उनको शिक्षा के प्रवाह में लाने का प्रयास भी करना होगा़  इस के लिए शिक्षक ईंटभट्टी, पद पथ, कामगार बस्तिया, निर्माण कार्य स्थल, बाजारपेठ आदि स्थानों पर जाकर युध्दस्तर पर शालाबाह्य व प्रवेश पात्र बच्चों की खोज कर रहे है़  

    इस दौरान छात्रों को अपनी स्कूल के संबंध में आकर्षण निर्माण होना, इसलिए शिक्षक व क्षेत्रीय अधिकारियों ने शाला शुरू होने के पूर्व दिन पर शालेय व्यवस्थापन समिति, गांव, वाडी, युवक, युवती, बचत समूह के सहयोग से उपलब्ध संसाधन की सहायता से शाला परिसर स्वच्छ करके रंगोली निकालकर फूल व पत्तो की तोरण बांधकर कक्षा रुम को सजाने का नियोजन किया गया है. 

    शाला प्रवेश उत्सव का नियोजन 

    शाला प्रवेश उत्सव के नियोजन में शिक्षकों ने समय पर उपस्थित होकर प्रभात फेरी का आयोजन करना, छात्रों के फूल देकर उनका स्वागत करना, नि:शुल्क पुस्तकों का वितरण करना, विद्यार्थियों का स्वागत करने के लिए जनप्रतिनिधि अथवा स्थानीय स्वराज संस्था के पदाधिकारी अथवा सदस्यों को आमंत्रित करना, जिला शिक्षाधिकारी ने कम से कम एक स्कूल पर उपस्थित रहना, शाला के प्रथम दिन पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करने का प्रयास करना चाहिए. 

    जिप तहसीलवार शाला व विद्यार्थी की संख्या 

    जिले में कुल 6 तहसील है. इस में जिला परिषद की तहसीलवार शाला में वाशिम तहसील में कुल 220 शाला होकर 28,234 पटसंख्या है़  इसी प्रकार से मालेगांव तहसील में 160 शाला होकर 19,746 पटसंख्या है़  रिसोड तहसील में कुल 173 शाला होकर 25,440 पटसंख्या है़  मंगरुलपीर तहसील में 176 शाला होकर 17,334 पटसंख्या है. कारंजा तहसील में 211 शाला होकर 19,004 पटसंख्या है. मानोरा तहसील में कुल स्कूल 180 होकर 16,543 पटसंख्या है. इस दौरान पहली कक्षा अधिक से अधिक पात्र बच्चों के प्रवेश कराने के लिए जिले के जिप शाला के शिक्षक गांव में जिन घरों में बच्चे है़ उनसे संपर्क बनाकर छात्रों की खोज करने का प्रयास कर रहे है.