बीज प्रक्रिया करने के बाद ही रबी फसल की बुआई करें

    वाशिम. जिले में रबी फसल के मौसम में बीज प्रक्रिया करने के बाद ही रबी फसल की बुआई करने का आहवान जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी ने किया है. जिले में खरीफ मौसम के मूंग, उड़द व सोयाबीन फसल की कटाई करीब समाप्ति की ओर पहुंच गई है़  किसान रबी फसल की बुआई के लिए खेती के मशक्कत का कार्य शुरू कर रहे है़ चालू मौसम में अक्टूबर के पहले सप्ताह में करीब सभीओर जिले में बारिश हुई है़.

    इस वर्ष औसतन  बारिश का प्रमाण में 133.7 प्रश से अधिक है़  जिससे जमीन में बड़े प्रमाण में जलमय होने से रबी फसल में औसतन से अधिक व़ृध्दि होने का अनुमान लगाया जा रहा है़  लगातार बारिश से जमीन में अधिक नमी रहने से बड़े प्रमाण में विविध हानिकारक फंगस की वृध्दि होने की संभावना है़  

    रबी फसल की बुआई करने के पूर्व बीजों को रासायनिक व जैविक बीज प्रक्रिया करने के बाद ही बुआई करें व अपने फसलों का शुरुआती काल में आनेवाले फंगस जन्य रोगों व कीट से संरक्षण करें. बीज प्रक्रिया करते समय एकदल अनाज जैसे गेहूं, रबी ज्वार, करडई के लिए एजेटोबैक्टर 25 ग्रैम अथवा 5 मिली प्रति किलो बीज + 3 ग्रैम थायरम अथवा कैप्टन व 5 ग्रैम अथवा 5 मिली ट्रायकोडर्मा लगाए.

    चना, मटर के लिए 3 ग्रैम थायरम + 25 ग्रैम रायजोबियम अथवा 5 मिली + 5 ग्रैम ट्रायकोडर्मा लगाकर ही बुआई करें. तिलहन फसल के लिए एकड़ में 10 किलो गंधक बुआई के साथ लेना चाहिए़  संतुलित खाद का उपयोग करें. यह जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी ने सूचित किया है़