Construction workers
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    • 1,000 रू. की बजाय 2,000 रू. मानधन राशि करें 

    आसेगांव. राज्य सरकार की ओर से निराधारों के लिए संजय गांधी निराधार योजना, इंदिरा गांधी निराधार पेंशन योजना, श्रावण बाल पेंशन योजना के तहत निराधारों को प्रति माह 1,000 रुपए मानधन की अदायगी की जाती है. किंतु महंगाई के इस दौर में उक्त मानधन राशी पर कैसे गुजारा होगा यह समस्या निराश्रितों के लिए भी चुनौती जैसी बन गई है. इस मानधन राशि को बढ़ाए जाने की मांग अब निराश्रित लाभार्थियों के माध्यम से की जा रही है. 1,000 रुपए मिलने वाले मानधन को 2,000 रुपए करने की मांग जोर पकड़ने लगी है. 

    जिस तरह से कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने का प्रस्ताव राज्य सरकार ने मंजूर किया है. उसी तर्ज पर निराश्रितों को मानधन राशि में वृद्धि करने की पहल राज्य सरकार को करने की आवश्यकता है. निराधार योजना के लाभार्थियों को एक महीने में 1,000 रुपए दिए जा रहे हैं, किंतु वर्तमान समय की बढ़ती महंगाई के समय पर यह राशि काफी कम हो रही है.

    एक महीने में 1,000 रुपए यानी प्रतिदिन 33 रुपए में किसी का गुजारा कैसे होगा. इसलिए मानधन की राशि में वृद्धि की मांग लाभार्थियों की ओर से की जा रही है. यह अल्प पेंशन होने की वजह से अनेक प्रकार की परेशानी आती है. इससे दवाइयों का खर्च भी नहीं निकल पाता है. जिससे उन्हें काफी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं. इसलिए इसे बढ़ाने की मांग जोर पकड़ने लगी है. 

    लाभार्थियों को कम मानधन से हो रही परेशानी 

    एक माह में केवल 1,000 रुपए का मानधन प्राप्त करने वाले ऐसे भी लाभार्थी है, जिनका गुजर बसर जीवनयापन इसी मानधन राशि पर निर्भर है. किंतु जिस तरह से 1,000 रुपए सरकार मदद स्वरूप देकर हम गरीबो के हित के लिए कार्य कर रहे है. इस तरह का ढिंडोरा पिट रही है उतनी राशि प्राप्ति के बावजूद भी जीवन यापन करना गरीबो के लिए महा मुसीबत बन गया है. किराना सामग्री से लेकर सभी आवश्यक वस्तुओ के दाम बढ़ने से 1,000 रू. में कैसे गुजारा करे यह चिंता सभी के समक्ष उपस्थित होने लगी है.