पीएचसी का भार अतिरिक्त चिकित्सा अधिकारियों पर

    • रविवार को अनुपस्थित रहते अधिकारी
    • इमरजेंसी में मरीज परेशान 

    आसेगांव. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में विगत अनेक माह पूर्व से नियमित चिकित्सा अधिकारियों के दो पद रिक्त है. जिससे इस स्वास्थ्य केंद्र का भार अतिरिक्त स्वास्थ्य अधिकारी निभा रहे है. रविवार को किसी भी तरह के इमरजेंसी मरीजों को भी इस स्वास्थ्य केंद्र से किसी भी प्रकार की कोई सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है. जिससे इस दिन आनेवाले मरीजों को स्वास्थ्य सुविधा को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. 

    5 सितंबर को एक मरीज तेज बुखार की चपेट में रहने के कारण अपना उपचार करवाने हेतु स्वास्थ्य केंद्र में दोपहर 3:30 से 3:45 बजे के दौरान पहुंचा था. लेकिन एक भी चिकित्सा अधिकारी की उपस्थिति केंद्र में ना रहने से उक्त मरीज को मंगरुलपीर के निजी अस्पताल में जाकर उपचार करवाने की नौबत  आई हैं. जबकि राज्य का स्वास्थ्य विभाग जनता के स्वास्थ्य सुविधा हेतु करोडों रुपए की औषधि उपलब्ध कराकर जनता की स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिए हुए है.

    लेकिन निचले स्तर पर हो रही  लापरवाहियों के कारण सामान्य नागरिकों को सही समय पर उपचार ना मिल पाने के कारण पीड़ा सहन करने की नौबत है. इस पर संबंधित जिलाधिकारी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी समेत इस क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों ने विशेष ध्यान नहीं दिए जाने से यहां पर अतिरिक्त चिकित्सा अधिकारियों को रविवार के दिन स्वास्थ्य केंद्र में अनुपस्थित रहने में बल मिलने लगा है. जिस वजह से डिजिटल स्वास्थ्य वर्धनी केंद्र की स्वास्थ्य सुविधा चरमरा गई है.

    वैसे भी इस स्वास्थ्य केंद्र में और भी विविध प्रकार के कर्मचारियों के रिक्त पदों की भर मार है. जिसमें तीन सफाई कर्मचारी, दो चिकित्सा अधिकारी, एक स्वास्थ्य सहायक, दो स्वास्थ्य सेविका व स्वास्थ्य सेवकों के भी दो पदों समेत कुल दस पद रिक्त अवस्था में पड़े हुए है. इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान आकर्षित कर संक्रमण बीमारियों के इस सीजन में तत्काल नियमित चिकित्सा अधिकारियों समेत सभी रिक्त पदों को तत्काल भरे जाने की मांग की जा रही है.

    अन्यथा लगाएं रविवार को इमरजेंसी मरीजों को नो एन्ट्री का फलक 

    जिस प्रकार से तेज बुखार से संक्रमित मरीज द्वारा विश्वास के साथ रविवार को स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए उपस्थिति दर्ज कराई गई. उस समय एक भी चिकित्सा अधिकारी वहां उपस्थित ना रहने के कारण उस मरीज को वहां से एक निजी असपताल में उपचार के लिए जाना पड़ा.

    इमरजेंसी में यदि इस स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को रविवार के दिन उपचार हेतु लाभ नहीं मिल पा रहा है़  तो स्वास्थ्य केंद्र के प्रवेश द्वार पर इमरजेंसी मरीजों को रविवार के दिन स्वास्थ्य केंद्र में नो एन्ट्री का फलक लगाकर सूचित किया जाने की भूमिका अपनाने की सलाह सामान्य जनता द्वारा की जा रही है.