Vaccination

    वाशिम. विश्व महामारी ठहरी कोरोना संक्रमण ने मार्च 2020 में देश में प्रवेश किया़  कोरोना वायरस के संक्रमण का प्रतिबंध करने के लिए विश्व चिकित्सा क्षेत्र के संशोधकों के अथक परिश्रम के बाद कोरोना प्रतिबंधक वैक्सीन तैयार करने के लिए सफलता हासिल की. जिले के कुल 13 लाख 74 हजार 735 जनसंख्या में से कोरोना को प्रतिबंध करने के लिए सक्षम ठहरी यह वैक्सीन जिले में पात्र व्यक्तियों को देने के लिए 16 जनवरी 2021 से शुरुआत हुई़.

    जिले के 9 लाख 82 हजार 300 व्यक्तियों को वैक्सीन देने का लक्ष्य निश्चित किया गया़  इस दौरान 7 अक्टूबर 2021 इस अवधि में 7 लाख 75 हजार 723 व्यक्तियों का वैक्सीनेशन किया गया़  इस में पहला डोज 5 लाख 8 हजार 261 व्यक्ति और दूसरा डोज 2 लाख 67 हजार 462 व्यक्तियों दिया गया़  पहला डोज लेने वालो का प्रमाण 51.74 प्रश और दूसरा डोज लेनेवालों का प्रमाण 27.23 प्रश का रहा है़ 

    तहसीलस्तरीय वैक्सीनेशन का लक्ष्य

    वाशिम तहसील में 2 लाख 4 हजार 501 पात्र व्यक्तियों का वैक्सीनेशन करने का लक्ष्य रहते हुए पहला डोज 1 लाख 17 लाख 533 व्यक्तियों को तो दूसरा डोज 67,523 व्यक्तियों को दिया गया है. कारंजा लाड तहसील में 1 लाख 71 हजार 560 वैक्सीनेशन के लिए पात्र व्यक्तियों में से 98,182 व्यक्तियों ने पहला तो 55,215 ने दूसरा डोज लिया है. मंगरुलपीर तहसील में 1 लाख 40 हजार 613 व्यक्तियों को वैक्सीन देने का लक्ष्य निश्चित किया गया था़  यहां पर पहला डोज 76,762 व्यक्तियों को तो दूसरा डोज 40,863 व्यक्तियों को दिया गया है. रिसोड तहसील के लिए 1 लाख 66 हजार 465 व्यक्तियों को वैक्सीनेशन करने का लक्ष्य रखा गया था़.

    इन में से पहला डोज 1 लाख 5 हजार 173 व्यक्तियों को तो दूसरा डोज 55,234 व्यक्तियों को दिया गया है. मालेगांव तहसील में 1 लाख 67 हजार 353 व्यक्तियों का वैक्सीनेशन करने का नियोजन था. यहां पर 59,862 व्यक्तियों को पहला डोज तो 27,851 व्यक्तियों को दूसरा डोज दिया गया है. मानोरा तहसील में वैक्सीनेशन के लिए पात्र ठहरे 1 लाख 31 हजार 808 व्यक्तियों में से 50,749 व्यक्तियों को पहला और 20,776 व्यक्तियों को दूसरा डोज दिया गया है.

    विविध मुहिम से वैक्सीनेशन

    इस संदर्भ में जिला स्वास्थ्य आधिकारी डा़  अविनाश आहेर ने बताया कि विविध वैक्सीनेशन मुहिम के माध्यम से जिले के पात्र व्यक्तियों का वैक्सीनेशन किया जा रहा है. जिससे कोरोना की संभावित तीसरी लहर से बचाव होने के लिए मदद होगी.